श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति ने रची आस्था की मिसाल, 300 मीटर चुनरी से सजी पटरानी यमुना मैया

आगरा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, शंखनाद की पवित्र ध्वनि और राधे-श्याम के जयघोषों के बीच जब भक्तों ने श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना मैया को 300 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की, तो तट भक्ति और आस्था के उजास से आलोकित हो उठा। श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति ने अपने शताब्दी वर्ष की शुरुआत चुनरी मनोरथ उत्सव, दुग्ध धार और दीपदान के आयोजन से की, जिसने बृजभक्ति की परंपरा को नया आयाम दिया।

Oct 17, 2025 - 18:13
 0
श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति ने रची आस्था की मिसाल, 300 मीटर चुनरी से सजी पटरानी यमुना मैया
आगरा में पार्वती घाट, बलकेश्वर पर यमुना मैया को 300 मीटर चुनरी अर्पित करवाने ले जाते श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल एवं समिति सदस्य। दूसरे चित्र में दुग्ध अर्पित करते विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और समिति के पदाधिकारी।

कार्तिक एकादशी के पावन अवसर पर बलकेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई चुनरी यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु बैंड-बाजों और पुष्पवर्षा के साथ नृत्य करते, भजन गाते हुए पार्वती घाट पहुंचे। समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के नेतृत्व में भक्तों ने यमुना मैया को 300 मीटर लंबी चुनरी अर्पित कर पूजन किया। यह आयोजन श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति के 300वें वर्ष की शुरुआत का प्रतीक बना।

यमुना पूजन के उपरांत भक्तों ने यमुना जल में दूध अर्पित कर दुग्ध धार किया। इसके बाद सैकड़ों दीपों से दीपदान किया गया, जिससे यमुना तट झिलमिलाते प्रकाश से आलोकित हो उठा। श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को दिव्यता और शांति का अनुभव बताया।

पूजन विधि महंत अनंत उपाध्याय, पंडित मुकेश शर्मा, पंकज शास्त्री, विष्णु पंडित, प्रमोद पाराशर और दुर्गेश शास्त्री द्वारा सम्पन्न कराई गई।

अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने घोषणा की कि आगामी 25 अक्टूबर से श्रीकृष्ण गौशाला, वाटर वर्क्स परिसर में श्रीकृष्ण लीला महोत्सव का शुभारंभ होगा और हर वर्ष इसका प्रारंभ चुनरी मनोरथ उत्सव के साथ किया जाएगा।
महंत अनंत उपाध्याय ने कहा कि यमुना केवल नदी नहीं, श्रीकृष्ण की पटरानी हैं, जिनकी पूजा व्रजभक्ति से जुड़ने का माध्यम है।

मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि यह आयोजन भक्ति और संस्कृति के संगम का प्रतीक है, जो बृजभूमि की जीवंतता को बनाए हुए है।
आयोजन को सफल बनाने में पार्षद मुरारीलाल गोयल, संयोजक गिर्राज बंसल सहित दर्जनों सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई।

इस अवसर पर संरक्षक डॉ. विजय किशोर बंसल, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, योगेंद्र सिंघल, पूजा बंसल, अशोक गोयल, आदर्श नंदन गुप्त, विष्णु अग्रवाल, विनीत सिंघल, डॉ. संजीव नेहरू, निशि नेहरू, सुजाता अग्रवाल, तनु गुप्ता, हनी, सचिन, सूरज तिवारी, नीरजा सिंघल आदि मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor