ऐरावत पर श्रीराम, सड़कों पर आस्था का सैलाब, 168 सवारियों संग शुरू हुई ऐतिहासिक राम बारात

आगरा में मंगलवार को ऐतिहासिक श्रीराम बारात भव्य स्वरूप में निकाली जा रही है। रावतपाड़ा से शुरू हुई 168 सवारियों की राम बारात में ऐरावत हाथी पर प्रभु श्रीराम सहित चारों भाइयों के स्वरूप, पौराणिक एवं धार्मिक झांकियां, हाइड्रोलिक रथ, देशभक्ति के दृश्य और भारतीय संस्कृति की विविध छटाएं आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पुराने शहर के बाजारों और मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है और जगह-जगह पुष्पवर्षा व आरती से बारात का स्वागत किया जा रहा है। दस बड़ी एलईडी स्क्रीन के जरिए राम बारात का लाइव प्रसारण भी किया जा रहा है।

Oct 6, 2026 - 20:50
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ऐरावत पर श्रीराम, सड़कों पर आस्था का सैलाब, 168 सवारियों संग शुरू हुई ऐतिहासिक राम बारात
राम बरात को केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ बबिता चौहान, विधायक चौधरी बाबूलाल, श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल,उप्र लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, जिलाधिकारी मनीष बंसल हरी झंडी दिखाते हुए।

ऐरावत पर विराजे हैं श्रीराम-चारों भाई, पुष्पवर्षा और आरती से हो रहा है स्वागत, धर्म, संस्कृति, देशभक्ति और सामाजिक समरसता की झांकियां मोह रहीं हैं  मन

आगरा। “बरषहिं सुमन देव मुनि बृंदा, जय जय धुनि नभ मंडल गुंजा…” की भक्तिमय अनुभूति मंगलवार को आगरा की धरती पर साकार होती नजर आ रही है। उत्तर भारत की ऐतिहासिक एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध श्रीराम बारात जब रावतपाड़ा से शुरू हुई  तो पूरा क्षेत्र  प्रभु श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। कहीं पुष्पवर्षा हुई तो कहीं आरती की थाल सजी। छतों, दुकानों और मार्गों के दोनों ओर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ऐसा लगा मानो पूरा आगरा ही प्रभु श्रीराम की बारात का बाराती बन गया हो। श्रीरामलीला महोत्सव के अंतर्गत श्रीरामलीला कमेटी द्वारा निकाली जा रही इस भव्य राम बारात में धर्म, अध्यात्म, पौराणिक संस्कृति, भारतीय परंपरा, सामाजिक समरसता और देशभक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है। 168 सवारियों से सजा राम बारात का विराट कारवां जिस मार्ग से गुजर रहा है, वहां श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बनता जा रहा है। 

प्रथम पूज्य गणेश की सवारी के आगे नारियल फोड़कर हुआ शुभारंभ

राम बारात का शुभारंभ प्रथम पूज्य भगवान गणेश के आगे नारियल फोड़कर हुआ। आठ फुट ऊंचे गणेश जी की सवारी के आगे विधायक चौधरी बाबूलाल, श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने नारियल फोड़ा और हरी झंडी दिखाई।  इस अवसर पर महामंत्री राजीव अग्रवाल, जगदीश बागला, डॉ विजय किशोर, टीएन अग्रवाल उपस्थित रहे। 

इन्होंने उतारी स्वरूपों की आरती 

बारहद्वारी पर विधिवत पूजन कर स्वरूपों को ऐरावत हाथी स्वरूप के रथों पर श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न को  विराजमान करवाया गया। यहां केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ बबिता चौहान, उप्र लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्वरूपों की आरती उतारी।

नासिक ढोल की गूंज से गूंजा पुराना आगरा

नियत समय दोपहर तीन बजे राम बारात का कारवां आगे बढ़ा। सबसे आगे ऊंट-नगाड़े चल रहे थे। इसके साथ 31 कलाकारों का नासिक ढोल दल वातावरण में उत्साह और उमंग भर रहा था। हाथी पर विराजमान आठ फुट ऊंचे गणेश जी की सवारी ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद रथों पर भगवान गणेश की पांच सवारियां और गणेश जी की विभिन्न झांकियां थीं। राम बारात आगे बढ़ी तो भक्ति संगीत, ढोल-नगाड़ों, जयघोष और पुष्पवर्षा के बीच पूरा वातावरण राममय हो गया। रामबारात में विघ्न विनाशक गणपति की सवारी के बाद राजा दशरथ ( राजा दशरथ संजय सिंघल सादाबाद और रानी कौशल्या नीता सिंघल) बग्घी में सवार थे। मुनि विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ एक रथ पर विराजमान थे।

हर झांकी कह रही है धर्म और संस्कृति की कहानी

राम बारात में शामिल 168 सवारियों में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कालिया नाग मर्दन, मां काली, बकासुर वध, गिरिराज जी, रामलला, भगवान शंकर, पांच फन वाले सर्प और घूमते दो त्रिशूल, वैष्णो देवी, सुदामा-कृष्ण, वासुदेव कारागार, परशुराम सहित अनेक पौराणिक प्रसंगों को जीवंत किया गया है। भारत माता की झांकी राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दे रही है। खेत में हल जोतते हुए ‘मेरे देश की धरती सोना उगले’ का दृश्य अन्नदाता और कृषि प्रधान भारत की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। सामाजिक समरसता का संदेश देती झांकी ने समाज में समानता और भाईचारे का संदेश दिया। नगर सेन बाबा, मां नरी सेमरी माता, द्वादश ज्योतिर्लिंग, राधा-कृष्ण का नृत्य, बाबा बर्फानी, पंचमुखी हनुमान, यशोदा मैया की गोद में कृष्ण, गौतम ऋषि-अहिल्या, अग्रवाल बंधु महाकाल की झांकियां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कर रहीं हैं।

जगन्नाथ से बांके बिहारी तक दिखी भक्ति की विविध छटा

राम बारात में इस्कॉन मंदिर की जगन्नाथ जी की झांकी, राजस्थानी नृत्य, नेत्रदान महादान का संदेश, विष्णु भगवान की शेषशैया पर विराजमान झांकी, लक्ष्मी जी द्वारा भगवान विष्णु के चरण दबाने का दृश्य, पूतना वध, खाटू श्याम जी, राजा बलि से तीन पग भूमि मांगते भगवान विष्णु, भगवान कार्तिकेय, मोर, गंगा मैया और नवदुर्गा की झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रहीं हैं। आदि योगी, गरुड़ पर भगवान विष्णु, सरस्वती माता, समुद्र मंथन और शेरों वाली माता की झांकियों ने भारतीय सनातन परंपरा की विविधता को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। पूंछ लाती डायनासोर की झांकी बच्चों को सबसे ज्यादा उत्साहित कर रही है।

11 फुट की माखन चोरी लीला बनी आकर्षण का केंद्र

राम बारात में 11 फुट की माखन चोरी लीला की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। श्रीनाथजी, सती को ले जाते भगवान शिव, भगवान शिव की जटाओं से बहती गंगा, बांके बिहारी मोड़ पर नृत्य करती रासलीला, श्रीराम दरबार और श्रीकृष्ण-सुदामा की झांकियों ने भक्ति रस से सराबोर कर दिया। सुदर्शन चक्र के साथ चरण पादुका ले जाते स्वरूप, भारत के दर्शन, भगवान नरसिंह सहित विभिन्न झांकियों ने श्रद्धालुओं को धर्म और अध्यात्म से जोड़ रखा है।

दक्षिण से उत्तर तक दिखा भारत का सांस्कृतिक वैभव

राम बारात में देश के विभिन्न हिस्सों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के दर्शन हो रहे हैं। तिरुपति बालाजी, मां गायत्री पंचमुखी स्वरूप, हंस पर विराजमान मां सरस्वती, कैला मैया, सांस्कृतिक नृत्य और कथकली की झांकियों ने दक्षिण से उत्तर तक फैली भारतीय संस्कृति की विविधता को एक ही मंच पर प्रस्तुत कर रहीं हैं। भीष्म पितामह की शरशैया की झांकी ने महाभारत के उस भावपूर्ण प्रसंग को जीवंत कर रही है, वहीं देशभक्ति पर आधारित झांकियां युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जगा रही हैं। राम बारात में देशभक्ति की फिल्मों से प्रेरित क्रांति के दृश्य भी प्रस्तुत किए गए हैं। ‘गदर’ फिल्म में सनी देओल द्वारा हैंडपंप उखाड़ने का दृश्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आतंकवादियों से भारतीय सेना की जंग दर्शाती झांकी ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों को नमन किया।

हाइड्रोलिक रथों ने दिखाई अद्भुत भव्यता

राम बारात में बाबा बर्फानी, शिवजी का स्वरूप, कैलाश मानसरोवर सहित हाइड्रोलिक रथों ने भव्यता को और बढ़ा दिया। हाइड्रोलिक रथ पर पंचमुखी हनुमान जी के दर्शन हुए। भोले बाबा के ऊपर उड़ती काली माता की झांकी ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। गोवर्धन लीला में मेघों से बरसती वर्षा, सांवरिया सेठ, तिरुपति बालाजी की मेवा झांकी, नीम करोली बाबा की फूलों की झांकी और सालासर बालाजी की फलों की झांकी विशेष आकर्षण बनीं।

ऐरावत पर श्रीराम, रजत रथ पर लक्ष्मी नारायण

राम बारात की सबसे भावपूर्ण झलक उस समय दिखाई दी जब ऐरावत हाथी पर प्रभु श्रीराम सहित चारों भाइयों के स्वरूप विराजमान थे। श्रद्धालु हाथ जोड़कर प्रभु के दर्शन करते रहे और जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। वहीं राजा दशरथ के स्वरूप के साथ विश्वामित्र और वशिष्ठ जी की सवारी ने रामायण के उस दिव्य प्रसंग की याद दिलाई। रजत रथ पर लक्ष्मी नारायण भगवान के दिव्य दर्शन भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहे।

दर्शक नहीं, बाराती बने आगरा वासी

राम बारात के मार्ग में पुराने शहर के बाजारों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों से पुष्पवर्षा की। बाजार कमेटियों ने आरती की थाल सजाकर प्रभु श्रीराम की आरती उतारी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई राम बारात की एक झलक पाने को आतुर दिखाई दिया। “जय श्रीराम”, “सियावर रामचंद्र की जय” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। 168 सवारियों के इस विराट कारवां ने आगरा की ऐतिहासिक रामलीला परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

चांदी के रथ पर विराजमान थे विष्णु-लक्ष्मी के स्वरूप

चांदी के रथ पर भगवान विष्णु, लक्ष्मी जी के साथ विराजमान थे। मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के रथ, लक्ष्मण जी के रथ, भरत जी एवं शत्रुघन के रथ सबसे पीछे थे। उनकी जगह-जगह आरती उतारी। राम बारात के मुख्य मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर दस बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं। इन स्क्रीन के माध्यम से राम बारात का लाइव प्रसारण किया गया, मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में मौजूद लोग भी घर बैठे और विभिन्न स्थानों से राम बारात की भव्यता के साक्षी बने। ऐरावत हाथी पर विराजमान प्रभु श्रीराम सहित चारों भाइयों, आकर्षक झांकियों, सवारियों और धार्मिक आयोजनों के दृश्य एलईडी स्क्रीन पर सीधे प्रसारित होते रहे। इससे राम बारात में उमड़ी भीड़ को भी बिना किसी असुविधा के प्रभु के दर्शन और भव्य आयोजन की झलक मिलती रही।

इन मार्गों पर उमड़ती रही भीड़

श्रीराम बारात रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, दरेसी, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी होते हुए घटिया पहुंचीं। वहां पर बीपी ऑयल मिल्स पर रामबारात ने आधे घंटे विश्राम किया। इसके पश्चात फुलट्टी, फब्वारा, रावतपाड़ा तिराहा, पहुंच कर मनकामेश्वर समाप्त होगी। बुधवार को सुबह कार द्वारा भगवान के स्वरूप जनकपुरी (भावना एस्टेट) पहुंचेंगे। मीडिया प्रभारी राहुल गौतम द्वारा बताया गया के मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी की वरयात्रा मिथिलानगरी भावना एस्टेट में प्रातः 9.00 बजे प्रारंभ होगी तथा पूरी जनकपुरी क्षेत्र में भ्रमण करेगी।

इनका रहा सहयोग 

संचालन प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने कर रहे हैं। राम बारात के प्रभारी प्रवीण स्वरूप बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, आनंद मंगल, मोहित गोयल, ताराचंद, अजय गर्ग, विनोद जौहरी, रामकिशन अग्रवाल, अशोक गोयल, शालू अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, सुधांशु खंडेलवाल,  श्रृंगार कमेटी के प्रभारी राहुल शर्मा, राम अभिषेक शर्मा, हृदेश वल्लभ गोस्वामी, किट्टू शर्मा, सुमित अग्रवाल आदि ने व्यवस्था संभाले हुए हैं।