गुरु तेग बहादुर की 350 वीं शहीदी शताब्दी पर श्रद्धा व भक्ति से झूमा सिख समाज , गुरुद्वारा माईथान में भावपूर्ण कीर्तन समागम का आयोजन

आगरा। सिख धर्म के नौवें गुरु शहीद-ए-आज़म श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित श्रृंखलाबद्ध कीर्तन समागमों की कड़ी में बारहवां भावपूर्ण कीर्तन समागम रविवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, माईथान में अत्यंत श्रद्धा, प्रेम और भक्ति भाव से संपन्न हुआ।

Nov 2, 2025 - 22:40
Nov 2, 2025 - 22:43
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गुरु तेग बहादुर की 350 वीं शहीदी शताब्दी पर श्रद्धा व भक्ति से झूमा सिख समाज , गुरुद्वारा माईथान में भावपूर्ण कीर्तन समागम का आयोजन
श्री गुरु सिंह सभा, माईथान में कीर्तन करते महेंद्र सिंह ।

आगरा। सिख धर्म के नौवें गुरु शहीद-ए-आज़म श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित श्रृंखलाबद्ध कीर्तन समागमों की कड़ी में बारहवां भावपूर्ण कीर्तन समागम रविवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, माईथान में अत्यंत श्रद्धा, प्रेम और भक्ति भाव से संपन्न हुआ।

इस अवसर पर आगरा के समस्त गुरुद्वारा साहिबों की संगतों ने बड़े उत्साह से भाग लिया और गुरु महाराज के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत रहिरास साहिब के पाठ से हुई। इसके पश्चात भाई बिजेंद्र सिंह और भाई जोगिंदर सिंह ने भावपूर्ण गुरुबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया। तत्पश्चात वीर महेंद्र पाल सिंह ने अपनी मधुर रसना से गुरु तेग बहादुर जी की वाणी का गायन कर संगत को आत्मिक आनंद से भर दिया।

गुरुद्वारा माईथान के प्रधान कवलदीप सिंह एवं हेड ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह ने बताया कि इस वर्ष आगरा के सभी गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों द्वारा 13 कीर्तन समागमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है, जिनमें यह बारहवां समागम रहा।

समारोह के दौरान गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह और जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया ने अपने आशीर्वचन देते हुए संगत से अपील की कि वे गुरु महाराज की शहादत की 350वीं शताब्दी के उपलक्ष्य में हो रहे सभी कार्यक्रमों में तन, मन और धन से जुड़ें।

समाप्ति में आनंद साहिब का पाठ और सरबत के भले की अरदास ज्ञानी कुलविंदर सिंह द्वारा की गई। हुकुमनामा साहिब के बाद समागम का समापन हुआ और गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया, जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से गुरुद्वारा गुरु का ताल के ग्रंथी हरबंस सिंह, महंत हरपाल सिंह, श्याम भोजवानी, संजय जटाना, हरजिंदर सिंह, प्रवीण अरोड़ा, रौनक वाधवा, वीरेंद्र सिंह वीरे, हरमिंदर पाल सिंह, परमजीत मक्कड़, बंटी चावला सहित बड़ी संख्या में साधसंगत मौजूद रही।