एसआईआर ड्राफ्ट ने बढ़ाई भाजपा की बेचैनी, यूपी में 2.89 करोड़ नाम कटने से संगठन में हड़कंप, सीएम योगी, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री ने वीडियो कॊन्फ्रेंसिंग के जरिए सांसदों, विधायकों, एमएलसी, जिलाध्यक्षों और महापौरों व जिला पंचायत अध्यक्षों से कहा- बूथ स्तर पर जाकर काम करें

लखनऊ। केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट प्रकाशित होते ही प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। ड्राफ्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए हैं, जबकि एसआईआर के दौरान 2.89 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यह आंकड़ा सामने आते ही सबसे अधिक चिंता भाजपा नेतृत्व में दिखाई दे रही है, क्योंकि पार्टी शुरू से यह मानती रही है कि प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 16 करोड़ से अधिक होनी चाहिए।

Jan 6, 2026 - 23:00
Jan 6, 2026 - 23:05
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एसआईआर ड्राफ्ट ने बढ़ाई भाजपा की बेचैनी, यूपी में 2.89 करोड़ नाम कटने से संगठन में हड़कंप, सीएम योगी, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री ने वीडियो कॊन्फ्रेंसिंग के जरिए सांसदों, विधायकों, एमएलसी, जिलाध्यक्षों और महापौरों व जिला  पंचायत अध्यक्षों से  कहा- बूथ स्तर पर जाकर काम करें

एसआईआर के आंकड़ों ने बढ़ाई संगठन की चिंता

एसआईआर के दौरान ही जब शुरुआती आंकड़े सामने आने लगे थे, तभी भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने पूरे प्रदेश में संगठन के पेंच कस दिए थे। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेशव्यापी दौरों पर निकले। मंडल स्तर पर सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, महापौरों और जिला पंचायत अध्यक्षों की बैठकें कर जोश भरने की कोशिश की गई, लेकिन अब जो ड्राफ्ट मतदाता सूची सामने आई है, उसने भाजपा की चिंता को और गहरा कर दिया है।

भाजपा को क्यों सता रही है ज्यादा चिंता

भाजपा नेतृत्व का मानना है कि मतदाता सूची से हटे 2.89 करोड़ नामों में बड़ी संख्या भाजपा समर्थक मतदाताओं की हो सकती है। पार्टी के रणनीतिकारों का आकलन है कि भाजपा समर्थक मतदाताओं में एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जो राजनीतिक आलस्य के कारण न तो समय पर दस्तावेज अपडेट कराता है और न ही मतदान के लिए उत्साह दिखाता है। यही वर्ग भाजपा के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण बन गया है।

सीएम योगी ने संभाली कमान, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दिए सख्त निर्देश

ड्राफ्ट सूची जारी होते ही भाजपा ने एक बार फिर संगठनात्मक कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के जिलाध्यक्षों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्षों और महापौरों से संवाद किया।

तीनों नेताओं ने एक स्वर में कहा कि एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या 16 करोड़ से अधिक होनी चाहिए थी, लेकिन 12.55 करोड़ का आंकड़ा चिंताजनक है। हालांकि अभी भी सुधार का अवसर मौजूद है, क्योंकि निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया में लगभग एक माह का समय शेष है। तीनों नेताओं का कहना है कि बूथ स्तर पर जाकर यह देखें कि जिन वोटर के नाम कटे हैं, वे एसआईआर का फॊर्म न भर पाने की वजह से तो नहीं हुआ है। 

बूथ स्तर पर युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश

नेतृत्व ने साफ निर्देश दिए कि बूथ स्तर पर सक्रिय होकर ड्राफ्ट मतदाता सूची की गहन जांच की जाए। सभी बूथों पर मतदाता सूची का वाचन किया जाए और फिर यह देखा जाए कि किनके नाम छूट गये हैं। जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, उनके फॉर्म-6 भरवाए जाएं। जिनके विवरण में त्रुटि है, उन्हें तत्काल सुधरवाया जाए। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं को अनिवार्य रूप से मतदाता सूची में जोड़ा जाए। 

लापरवाही पड़ी तो चुकानी पड़ेगी भारी कीमत

सीएम योगी, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री ने बार-बार आगाह किया कि यदि इस समय संगठन ने सतर्कता नहीं दिखाई, तो इसका राजनीतिक खामियाजा गंभीर हो सकता है। बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर उन लोगों को मतदाता बनवाने का निर्देश दिया गया है, जो एसआईआर प्रक्रिया में किसी कारणवश छूट गए हैं। तीनों नेताओं ने कहा कि यह एसआईआर का दूसरा चरण है और इसमें बीएलओ से ज्यादा जिम्मेदारी संगठन के कार्यकर्ताओं की है। इसमें किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए। 

कुल मिलाकर, एसआईआर के बाद आई ड्राफ्ट मतदाता सूची ने भाजपा को चुनावी मोड में पूरी तरह झोंक दिया है और आने वाले एक माह में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहने के संकेत दे रहा है।

वीडियो कॊन्फ्रेंसिग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों और जिलाध्यक्षों से कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाई गई विकसित भारत जी राम जी योजना की खूबियों के बारे में भी जनता को बतायें। लोगों को समझाएं कि कैसे यह यह नई योजना मनरेगा से कहीं ज्यादा अच्छी है। 

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SP_Singh AURGURU Editor