बरेली में छात्रा की बर्थ डे पार्टी में ‘लव जिहाद’ के नाम पर हंगामा करने वाले छह आरोपी गिरफ्तार
-रमेश कुमार सिंह बरेली। थाना प्रेमनगर क्षेत्र स्थित दि डैन कैफे में बीएससी नर्सिंग की छात्रा की बर्थडे पार्टी के दौरान ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाकर तोड़फोड़, मारपीट और हंगामा करने के मामले में पुलिस ने सोमवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक आरोपी नाबालिग है, जिसके विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार शनिवार को प्रेमनगर क्षेत्र के एक हॉस्टल में रहने वाली बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्रा के जन्मदिन पर उसके दोस्तों ने दि डैन कैफे में पार्टी आयोजित की थी। पार्टी में कुल 10 लोग शामिल थे, जिनमें छह युवतियां और चार युवक थे। चार युवकों में से दो शान और वाकिफमुस्लिम समुदाय से हैं। इसी बात की सूचना मिलने पर कुछ हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और बिना किसी तथ्यात्मक जांच के ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाते हुए कैफे के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हंगामा कर रहे कार्यकर्ता कैफे के भीतर घुस गए और मौजूद युवतियों व युवकों से अभद्रता की, जिससे अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि इस दौरान कैफे में तोड़फोड़ और मारपीट भी की गई। सूचना मिलने पर थाना प्रेमनगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
इस मामले में रविवार को दि डैन कैफे के मालिक शैलेन्द्र गंगवार की तहरीर पर ऋषभ ठाकुर (निवासी सुभाषनगर), दीपक पाठक (निवासी भास्कर हॉस्पिटल के सामने, मिनी बाइपास रोड) तथा 20–25 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज की गई। क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 333, 115(2), 352, 351(3), 324(4), 131 और 191(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने सोमवार को प्रिन्स सिंह, आकाश, आशीष उर्फ पारस जौहरी, मृदुल उर्फ मनीष दुबे और दीपक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस ने शनिवार को कैफे के एक स्टाफ सदस्य और दो अल्पसंख्यक युवकों का शांति भंग में चालान किया था।
सीओ नगर प्रथम द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि छात्रा बालिग है और अपनी मर्जी से दोस्तों के साथ पार्टी में शामिल हुई थी। परिजनों के बयान में भी किसी तरह के दबाव या जबरदस्ती की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से की गई है और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।