आरक्षण मुद्दे पर भारत बंद बवाल के 16 आरोपी कोर्ट से बरी
आगरा। वर्ष 2018 में दो अप्रैल को आरक्षण को लेकर आयोजित भारत बंद के दौरान ईदगाह रेलवे स्टेशन पर जमकर बवाल और तोड़फोड़ कर रेलवे को लाखों रुपये की क्षति पहुंचाने के मामले में आरोपित 16 आरोपियों को एडीजे-26 अमरजीत ने बरी कर दिया।
-ईदगाह स्टेशन पर किया था बवाल, रेल पटरियां तक उखाड़ दी थीं
- गवाहों के विरोधाभासी बयानों पर न्यायालय ने सभी को किया बरी
थाना जीआरपी आगरा फोर्ट में दर्ज मामले के अनुसार वादी मोहित शर्मा (एसएसई) ने थाने पर तहरीर देकर आरोप लगाया कि आरक्षण के मुद्दे पर भारत बंद के आयोजन के दौरान हजारों लोगों की भीड़ द्वारा ईदगाह रेलवे स्टेशन परिसर में घुसकर जमकर बवाल और तोड़फोड़ की गई। इससे लाखों रुपये की रेलवे क्षति पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने रेल की पटरी तक उखाड़ दी।
जीआरपी आगरा फोर्ट द्वारा आरोपियों के विरुद्ध भादसं की धारा 147 एवं रेलवे एक्ट की धारा 150, 151 एवं 174 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी मोनू,आकाश, लक्की, प्रदीप, ब्रजेश, रूपेश, पंकज, रजत कुमार, कुलदीप, सन्नी दिवाकर, जितेंद्र, हेमंत, विनोद, मनतेश, आकाश एवं जितेंद्र कुमार के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र प्रेषित किया गया था।
शासकीय पक्ष की तरफ से वादी मुकदमा मोहित शर्मा (एसएसई), राजकुमार मौर्या (एसएसई), राकेश कुमार शर्मा, मनजीत सिंह, विवेचक/प्रभारी निरीक्षक जीआरपी आगरा फोर्ट रामेश्वर प्रसाद त्यागी एवं एसआई राकेश कुमार गौतम को गवाही हेतु अदालत में पेश किया गया।
एडीजे-26 अमरजीत ने गवाहों के बयानों में गम्भीर विरोधाभास एवं आरोपियों के वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चंद्रा के तर्क पर आरोपियों को बरी करने के आदेश दिये।