नैनन में नींद समा गई…करुण धुन पर शयन को पधारे गिरिराज धनी, छप्पन भोग महोत्सव की भावमयी पूर्णाहुति

आगरा/गोवर्धन। ब्रजभूमि में भक्ति केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि वह आत्मीय भाव है जहां प्रभु अपने भक्तों के और भक्त अपने आराध्य के सर्वथा निकट हो जाते हैं। इसी वात्सल्य और अपनत्व से ओतप्रोत दृश्य का साक्षात्कार सोमवार की मध्यरात्रि श्री गुरु काष्र्णि आश्रम, गोवर्धन में हुआ, जब श्री गिरिराज जी सेवा मंडल परिवार, आगरा द्वारा आयोजित दो दिवसीय छप्पन भोग एवं फूल बंगला महोत्सव का समापन भावपूर्ण शयन उत्सव के साथ संपन्न हुआ।

Dec 30, 2025 - 18:57
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नैनन में नींद समा गई…करुण धुन पर शयन को पधारे गिरिराज धनी, छप्पन भोग महोत्सव की भावमयी पूर्णाहुति
श्री गुरु काष्र्णि आश्रम, बड़ी परिक्रमा मार्ग, आन्योर, गोवर्धन में श्री गिरिराज जी सेवा मंडल परिवार, आगरा द्वारा आयोजित छप्पन भोग महोत्सव के अंतर्गत शयन आरती में उपस्थित पदाधिकारी एवं सेवाभावी श्रद्धालु।

काष्र्णि आश्रम परिसर में वैकुंठ लोक की दिव्य झांकी के मध्य स्वर्ण हंस रथ पर विराजमान गिरिराज महाराज ने दिनभर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। कोई मनौती लेकर आया तो कोई कृतज्ञता भाव से नतमस्तक हुआ। रात्रि के आगमन के साथ ही सेवकों के हृदय में यह कोमल अनुभूति जाग्रत हुई कि निरंतर भक्तों की कामनाएं पूर्ण करते-करते प्रभु अवश्य ही थक गए होंगे। इसी भाव ने शयन उत्सव का स्वरूप ग्रहण किया।

शयन सेवा के अंतर्गत प्रभु श्रीअंगों पर सुगंधित इत्र अर्पित किया गया, प्रेमपूर्वक नजर उतारी गई और चरण कमलों को वात्सल्य भाव से दबाया गया। जैसे ही शयन आरती के समय करुण भजन नैनन में नींद समा गई, मेरे प्रिय प्रभु के… गूंजा, समूचा वातावरण भावविभोर हो उठा। ऐसा प्रतीत हुआ मानो भक्त स्वयं प्रभु से विश्राम का अनुरोध कर रहे हों। अनेक श्रद्धालुओं की आंखें सजल हो उठीं और हृदय प्रभु प्रेम में डूब गया।

शयन से पूर्व भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, संस्थापक नितेश अग्रवाल, सह-संस्थापक मयंक अग्रवाल, संरक्षक महंत कपिल नागर एवं रविंद्र गोयल, अध्यक्ष अजय सिंघल द्वारा प्रभु को रजत पात्र में केसर मिश्रित अमृतुल्य दूध अर्पित किया गया।

इसके उपरांत काष्र्णि महंत हरिओम बाबा ने पंच-ज्योतियों से प्रभु की दृष्टि उतारी और ब्रज भाव से परिपूर्ण मंत्रोच्चार के मध्य गिरिराज महाराज को शयन कराया। यह अलौकिक क्षण ऐसा था कि श्रद्धालु देर तक निश्चल भाव से प्रभु के दर्शन करते रहे। आधी रात तक आश्रम द्वार पर भक्तों का तांता लगा रहा।

देर रात तक भजनों में डूबे रहे श्रद्धालु

शयन उत्सव से पूर्व आयोजित भजन संध्या में ब्रज भाव की रसधारा प्रवाहित होती रही। कानपुर की प्रसिद्ध आल्या शर्मा सिस्टर्स नीतू और चंचल द्वारा प्रस्तुत नैनन में नींद समा गई…, थारो नाम ही आधार गिरिराज… और सांवरे को निहारूं मैं रात दिन… जैसे भजनों पर श्रद्धालु करतल ध्वनि के साथ भावविभोर होकर झूमते रहे।

महा प्रसादी सेवा में हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रभु प्रसाद ग्रहण किया। स्वयंसेवकों की निष्ठा और समर्पण से सुव्यवस्थित आयोजन में प्रत्येक भक्त प्रभु कृपा से अभिभूत नजर आया। पूरे दिन भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा।

SP_Singh AURGURU Editor