मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में स्लीप लैब स्थापितः अब नींद विकारों की होगी मशीन से सटीक जांच
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में ब्रज क्षेत्र की पहली स्लीप लैब की स्थापना हुई। यह लैब उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी जो पर्याप्त नींद लेने के बावजूद थकान, चिड़चिड़ापन या दिनभर उनींदापन जैसी समस्याओं से जूझते हैं।
आगरा। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर ब्रज क्षेत्र की पहली स्लीप लैब का उद्घाटन हुआ। संस्थान के निदेशक प्रो. दिनेश सिंह राठौर ने बताया कि कई व्यक्ति 6–8 घंटे की नींद लेने के बावजूद थकान और अनिद्रा महसूस करते हैं। इसका कारण नींद के चक्र में असंतुलन और नींद की गुणवत्ता का प्रभावित होना है।
संस्थान में आज वीडियो पॉलीसोमनोग्राफी मशीन स्थापित की गई है। यह उन्नत उपकरण नींद के दौरान शरीर की विभिन्न जैविक गतिविधियों- जैसे हृदय गति, मस्तिष्क तरंगें, श्वसन दर और ऑक्सीजन स्तर की रिकॉर्डिंग करता है। साथ ही मरीज का वीडियो भी रिकॉर्ड होता है, जिससे करवट बदलना, झटके आना या सांस रुकना जैसी गतिविधियों का सटीक विश्लेषण संभव हो पाता है।
साइकेट्रिक विभाग प्रमुख प्रो. अनिल कुमार सिसौदिया ने बताया कि यह लैब नींद संबंधी विकारों जैसे स्लीप एप्निया, अनिद्रा, नार्कोलेप्सी, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम आदि की पहचान में उपयोगी सिद्ध होगी। इस मशीन से तैयार रिपोर्ट के आधार पर नींद की गुणवत्ता, हृदय की लय और ऑक्सीजन स्तर की निरंतर निगरानी की जा सकेगी।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष जैन ने कहा कि बढ़ते स्क्रीन टाइम, तनाव और अनियमित जीवनशैली से नींद संबंधी समस्याएं आम होती जा रही हैं। स्लीप लैब की स्थापना से छात्रों और शोधकर्ताओं को मानसिक स्वास्थ्य पर अनुसंधान के नए अवसर मिलेंगे।
इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम “एक्सेस टू सर्विसेज़: मेंटल हेल्थ इन कैटास्ट्रॉफीज़ एंड इमरजेंसीज़” पर विद्यार्थियों ने प्रोजेक्टर प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी साझा की। कार्यक्रम का संचालन जूनियर रेजीडेंट डॉ. पार्थ बघेल ने किया।
इस अवसर पर राजेश कुमार, डॉ. मधु शर्मा, डॉ. चंचल चन्द्रा, डॉ. बृजेश अग्रवाल, अतुल शर्मा, पवन सिंह, वीरेंद्र सिंह सहित कई चिकित्सक एवं छात्र उपस्थित रहे।