एसएन में कैंसर से जूझती 9 साल की हर्षिता की कविता ने रुलाया, जागरूकता कार्यक्रम में भावुक पल
विश्व कैंसर दिवस पर एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा में ‘United by Unique’ थीम के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली, पोस्टर प्रतियोगिता और कैंसर पीड़ित बच्ची की भावुक कविता ने लोगों को समय पर पहचान और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने कैंसर के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
विश्व कैंसर दिवस पर एस.एन. मेडिकल कॉलेज में ‘यूनाइटेड बाइ यूनिक’ का संदेश, नुक्कड़ नाटक और रैली से गूंजा जन-जागरूकता का स्वर
आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग द्वारा आज विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर जन-जागरूकता को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष विश्व कैंसर दिवस की थीम “यूनाइटेड बाइ यूनिक” को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर के खिलाफ लड़ाई में हर व्यक्ति की विशिष्ट भूमिका को स्वीकारते हुए सामूहिक प्रयासों को मज़बूत करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की ओपीडी परिसर में आयोजित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक से हुआ। नर्सिंग छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत इस नाटक में यह संदेश दिया गया कि कैंसर की चुनौती हर मरीज के लिए अलग हो सकती है, लेकिन इस बीमारी से लड़ने का संकल्प हम सभी का एक है। नाटक ने मौजूद मरीजों, तीमारदारों और स्टाफ को गहराई से प्रभावित किया।
इसके पश्चात ओपीडी परिसर से सर्जिकल ब्लॉक तक एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में कैंसर के लक्षणों, समय पर जांच और बचाव से जुड़े संदेश पोस्टरों और नारों के माध्यम से आमजन तक पहुंचाए गए। पूरे परिसर में “कैंसर से डर नहीं, जागरूकता जरूरी” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।
इस अवसर पर रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुरभि गुप्ता ने कहा कि आज 4 फरवरी को हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि कैंसर के खिलाफ हमारी आवाजें भले ही अलग हों, लेकिन हमारा लक्ष्य एक है। ‘यूनाइटेड बाइ यूनिक’ हमें सिखाती है कि हर मरीज की परिस्थितियां अलग होती हैं, पर एकजुट प्रयास से इलाज की राह आसान बनती है। कैंसर से जीत की सबसे बड़ी कुंजी है-जल्दी पहचान।”
कॉलेज के प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि विश्व कैंसर दिवस पर एस.एन. मेडिकल कॉलेज अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को दोहराता है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए समाज के हर वर्ग का एकजुट होना आवश्यक है। हमें न केवल इलाज पर, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक कलंक को समाप्त करने पर भी ध्यान देना होगा। यह आयोजन जन-जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कैंसर से जूझ रही 9 वर्षीय हर्षिता (नाम परिवर्तित) ने अपनी मार्मिक कविता के माध्यम से अपने संघर्ष, उम्मीद और साहस को शब्दों में पिरोया। उसकी कविता ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। इसके अलावा आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम और द्वितीय पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस कार्यक्रम में कॉलेज के कई वरिष्ठ चिकित्सकों एवं स्टाफ ने सक्रिय सहभागिता निभाई, जिनमें डॉ. अखिल प्रताप सिंह, डॉ. गीतू सिंह, डॉ. अजय श्रीवास्तव, प्रांजल श्रीवास्तव, रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. जरीन, डॉ. सलोनी, डॉ. श्रव्या तथा नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे। सभी ने मिलकर समाज को कैंसर मुक्त बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सीमा और नर्सिंग स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. शिल्पा का विशेष सहयोग रहा।