एसएन के चिकित्सकों का कमाल, 25 वर्षीय महिला का गर्भाशय हटाए बिना निकाली विशाल रसौली
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 25 वर्षीय मरीज़ के गर्भाशय से 20×18 सेंटीमीटर की विशाल रसौली (फाइब्रॉइड) को बिना गर्भाशय हटाए सुरक्षित रूप से निकाल दिया। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा विशेषज्ञता का उदाहरण है, बल्कि उन युवा महिलाओं के लिए आशा की किरण भी है, जो मातृत्व की इच्छा रखती हैं।
25 वर्षीय मरीज़ भविष्य में मातृत्व को लेकर थीं चिंतित
कई अस्पतालों ने दी थी गर्भाशय हटाने की सलाह
सर्जरी बाद बेहतर हुई गर्भधारण की संभावना
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 25 वर्षीय मरीज़ के गर्भाशय से 20×18 सेंटीमीटर की विशाल रसौली (फाइब्रॉइड) को बिना गर्भाशय हटाए सुरक्षित रूप से निकाल दिया। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा विशेषज्ञता का उदाहरण है, बल्कि उन युवा महिलाओं के लिए आशा की किरण भी है, जो मातृत्व की इच्छा रखती हैं।
फ़िरोज़ाबाद की रहने वाली मरीज़ लंबे समय से पेट दर्द, भारीपन, अनियमित मासिक धर्म और गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याओं से जूझ रही थी। उन्होंने फ़िरोज़ाबाद व आसपास के कई अस्पतालों में परामर्श लिया, जहां अधिकांश जगहों पर उन्हें हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय हटाने) की सलाह दी गई। कम उम्र और भविष्य में मां बनने की इच्छा के कारण वे मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं।
एसएन मेडिकल कॉलेज में मिला समाधान
एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर महिला रोग विशेषज्ञों की टीम ने विस्तृत जांच के बाद निर्णय लिया कि रसौली को हटाते समय गर्भाशय को सुरक्षित रखा जा सकता है। यही निर्णय मरीज़ के जीवन की दिशा बदलने वाला साबित हुआ।
विशेषज्ञ टीम ने निभाई अहम भूमिका
यह जटिल ऑपरेशन विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया। टीम में प्रो. निधि गुप्ता, प्रो. आशा, डॉ. नीलम, डॉ. अक्रिष्टि शामिल थीं। सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया विभाग ने भी मरीज़ की स्थिति को नियंत्रित रखते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉक्टरों ने बताया कि इतनी बड़ी रसौली के कारण मरीज़ को लगातार कई तरह की दिक्कतें हो रही थीं और भविष्य में गर्भधारण की संभावना भी प्रभावित हो रही थी।
सर्जरी सफल, भविष्य में गर्भधारण की संभावना बढ़ी
कई घंटों की मेहनत के बाद सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हुई। मरीज़ अब पूरी तरह सामान्य है और डॉक्टरों के अनुसार गर्भधारण की संभावना पहले की तुलना में काफी बेहतर हो गई है। मरीज़ ने उपचार से संतुष्ट होकर कहा कि अब मैं पूरी तरह निश्चिंत हूँ। डॉक्टरों ने मेरी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी।
युवा महिलाओं के लिए बड़ा संदेश
विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच और सही उपचार के जरिए बड़ी से बड़ी रसौली को भी बिना गर्भाशय हटाए सुरक्षित रूप से निकाला जा सकता है। यह विशेषकर युवा महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है।
एसएन लगातार बढ़ा रहा भरोसा
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि कॉलेज में लगातार जटिल से जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं, जिससे आगरा और आसपास के ज़िलों के मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं।