स्नैपचैट दोस्ती बनी जानलेवा, दंत चिकित्सक ने बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में युवती और परिजनों को ठहराया जिम्मेदार

आगरा। कमला नगर के एफ ब्लॉक में रहने वाले 32 वर्षीय दंत चिकित्सक डॉ. पियूष सिंह ने शनिवार देर रात बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने गोरखपुर निवासी एक युवती और उसके परिजनों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिवार के अनुसार पियूष पिछले छह माह से गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद में थे।

Nov 23, 2025 - 22:46
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स्नैपचैट दोस्ती बनी जानलेवा, दंत चिकित्सक ने बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में युवती और परिजनों को ठहराया जिम्मेदार
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कमला नगर में दंत चिकित्सक की आत्महत्या से सनसनी

आगरा। कमला नगर के एफ ब्लॉक में रहने वाले 32 वर्षीय दंत चिकित्सक डॉ. पियूष सिंह ने शनिवार देर रात बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने गोरखपुर निवासी एक युवती और उसके परिजनों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिवार के अनुसार पियूष पिछले छह माह से गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद में थे।

स्नैपचैट पर हुई दोस्ती, रिश्तों में आया तनाव

तीन साल पहले डॉ. पियूष की एक युवती से स्नैपचैट पर दोस्ती हुई थी। हाल ही में पता चला कि युवती की शादी 25 नवंबर को होने वाली है। परिवार का दावा है कि इसका विरोध करते हुए युवती के परिजन पियूष पर लगातार दबाव और धमकी दे रहे थे। परिजनों के मुताबिक उन्हें झूठे मुकदमों में फँसाने और जेल भेजने की धमकियां भी दी गईं।

1090 पर लगातार शिकायतें, पुलिस की पूछताछ से बढ़ा तनाव

परिवार का आरोप है कि युवती के घरवालों ने पियूष के खिलाफ 1090 पर कई शिकायतें की थीं। इसी मामले में कमला नगर पुलिस ने पियूष और उनके पिता को पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद से पियूष घर में ही रहने लगे और तनाव और बढ़ गया।

अवसाद गहराता गया, आत्महत्या की बातें करने लगे

छोटे भाई आयुष के मुताबिक पियूष कई दिनों से टूट चुके थे। वे अक्सर खुदकुशी की बात करते थे और उन्हें लगता था कि उनकी वजह से पिता तनाव में हैं। परिवार को डर था कि युवती के परिजन किसी भी समय उन्हें किसी केस में फँसा देंगे।

रात में कमरे में मिला बेहोश, इंजेक्शन की शीशी बरामद

शनिवार रात करीब 12 बजे आयुष जब कमरे में गए तो पियूष फर्श पर अचेत पड़े थे। पास में सिरिंज और खाली इंजेक्शन की शीशी पड़ी थी। परिवार उन्हें तुरंत हृदयम हॉस्पिटल लेकर गया। गंभीर हालत के कारण उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों ने विद्युत शॉक देकर बचाने का प्रयास किया, पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम के बाद पुलिस जांच शुरू

परिवार ने शव को घर लाकर रात में ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट की हैन्ड राइटिंग और परिस्थितियों की पुलिस फॉरेंसिक जांच कर रही है।