सोशल मीडिया पर गोलियों की गूंज, खुलेआम फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले सात युवक नामजद
आगरा। थाना बमरौली कटारा क्षेत्र से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सात युवकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य पांच की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
"और गुरु" में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद हरकत में आई पुलिस, दो आरोपी गिरफ्तार, पांच की तलाश जारी
आगरा। थाना बमरौली कटारा क्षेत्र से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सात युवकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य पांच की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
यह मामला तब तूल पकड़ गया जब "और गुरु" ने कल इस खबर को प्रमुखता से प्रसारित किया था। वायरल वीडियो में अलग–अलग युवक चलती गाड़ियों के काफिले के साथ खुलेआम हथियार लहराते और फायरिंग करते साफ नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिखाई गई यह हरकतें न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि आम जनता में भय और दहशत फैलाने वाली भी हैं।
जानकारी के मुताबिक, संजय ठाकुर और शशांक नामक युवकों ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से फायरिंग और हथियारों के प्रदर्शन से जुड़े वीडियो अपलोड किए थे। इन वीडियो को क्षेत्र में तथाकथित “भौकाल” बनाने की नीयत से साझा किया गया, जो देखते ही देखते वायरल हो गए।
सूत्रों का कहना है कि आरोपी युवक थाना बमरौली कटारा क्षेत्र के बिझमाई गांव के निवासी हैं। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में आक्रोश के साथ-साथ डर का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग गंभीर आपराधिक कृत्य है। वीडियो की सत्यता, हथियारों की लाइसेंस स्थिति और अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।