आगरा में चौथी बार नजरबंद हुए सपा सांसद सुमन, नोटिस फाड़कर पुलिस को सुनाई खरी-खोटी
आगरा। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को आज सुबह एक बार फिर पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट कर लिया गया। वह अपने समर्थकों के साथ एटा जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित धरने में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उनके आगरा स्थित आवास को चारों ओर से घेर लिया और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया।
पुलिस द्वारा दिए गए नोटिस को सांसद ने आवेश में आकर मौके पर ही फाड़ डाला और पुलिस अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। सांसद ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। हाउस अरेस्ट की सूचना फैलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सांसद के आवास पर पहुंच गए और पुलिस व सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी शुरू कर दी।
इससे पहले भी तीन बार हो चुकी है नज़रबंदी
रामजीलाल सुमन इससे पहले भी वर्ष 2025 में तीन बार नजरबंद किए जा चुके हैं। पहली बार 2 मई को तब, जब वे अलीगढ़ में एक दलित परिवार से मिलने जा रहे थे। 9 मई को, कासगंज में बघेल समाज के लोगों से मुलाकात के कार्यक्रम को रोकते हुए नजरबंद किया गया। 26 मई को, उन्हें मथुरा यात्रा से पहले नजरबंद कर दिया गया।
आज की कार्रवाई चौथी बार हुई है, जिससे सपा खेमे में नाराजगी है और इसे विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश बताया जा रहा है।
सांसद का हमला-लोकतंत्र की हत्या कर रही है सरकार
गुस्साए सांसद सुमन ने कहा कि मुझे हर बार कहीं भी जाने से पहले नजरबंद कर दिया जाता है। क्या अब सांसद होना गुनाह है? पुलिस सरकार के इशारे पर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। मैं डरने वाला नहीं हूं। जनता की आवाज उठाता रहूंगा।
सपा कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
सांसद की नजरबंदी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता उनके आगरा स्थित आवास पर जुट गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाज़ी की और सांसद को रिहा करने की मांग की।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।