स्पीकिंग एंड कम्युनिकेशन स्किल्स’ सेमिनारः सुनने, समझने और अभिव्यक्ति की कला से निखरता है व्यक्तित्व

आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में प्रभावी संवाद, आत्मविश्वास और प्रेजेंटेशन स्किल किसी भी व्यक्ति की सफलता की कुंजी हैं। इन्हीं बुनियादी गुणों को विकसित करने के उद्देश्य से आशियाना महिला समिति ने ‘पब्लिक स्पीकिंग एंड कम्युनिकेशन स्किल्स’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि मंच पर बोलने की कला केवल शब्दों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का आईना होती है।

Nov 1, 2025 - 19:31
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स्पीकिंग एंड कम्युनिकेशन स्किल्स’ सेमिनारः सुनने, समझने और अभिव्यक्ति की कला से निखरता है व्यक्तित्व
एमपीएस वर्ल्ड स्कूल में आयोजित ‘पब्लिक स्पीकिंग एंड कम्युनिकेशन स्किल्स’ सेमिनार में मौजूद मुख्य वक्ता डॉ. विधु गौड़ गुलाटी और अन्य अतिथि।

आगरा। आशियाना महिला समिति की ओर से पब्लिक स्पीकिंग एण्ड कम्युनिकेशन स्किल्स विषय पर सेमिनार सिकंदरा स्थित एमपीएस वर्ल्ड स्कूल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुग्राम से आयी मुख्य वक्ता डॉ. विधु गौड़ गुलाटी, मुख्य अतिथि संस्थान के चेयरमैन स्क्वाड्रन लीडर डॉ. ए.के. सिंह, विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद डॉ. माया श्रीवास्तव और रौशनी ट्रस्ट की अध्यक्ष मनोज बल ने दीप प्रज्ज्वलित कर की।

मुख्य वक्ता डॉ. विधु गौड़ गुलाटी ने कहा कि प्रभावी कम्युनिकेशन और मंच पर बोलने की कला आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में किसी भी व्यक्ति के पर्सनल ग्रोथ का मूल आधार है। एक सफल प्रवक्ता बनने के लिए स्पष्टवादी होना, सरल भाषा का प्रयोग करना, शारीरिक बॉडी लैंग्वेज को समझना, आंखों का संपर्क बनाए रखना और कांफिडेंस बिल्डिंग पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि “सुनने” और “समझने” की कला संवाद को प्रभावी बनाती है। एक अच्छा वक्ता वही है जो पहले एक अच्छा श्रोता हो।

सेमिनार में विद्यार्थियों को प्रभावशाली पब्लिक स्पीकिंग के सिद्धांतों, आत्मविश्वास बढ़ाने की तकनीकों, स्वर अभिव्यक्ति के महत्व और पॉजिटिव प्रेजेंटेशन की विधियों की जानकारी दी गई।

आशियाना महिला समिति अध्यक्ष डॉ. सरोज प्रशांत ने कहा कि संस्था का उद्देश्य छात्रों व युवा वर्ग का व्यक्तित्व विकास और अभिव्यक्ति कौशल को निखारना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में मंच पर बोलने की कला रोजगार, नेतृत्व और समाजसेवा हर क्षेत्र में सफलता की पहली सीढ़ी है।

कार्यक्रम का संचालन मनोज बल ने किया। समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। डॉ. प्रमिला चावला ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. विक्रांत शास्त्री, डॉ. अनूप गोयल, राखी जैन, शारदा गुप्ता, अर्निमा भार्गव, सरोज गर्व, इन्दु जैन आदि मौजूद रही।

SP_Singh AURGURU Editor