आगरा के बल्केश्वर चौक पर हिंदू सम्मेलन में बोलीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर- भारत के टुकड़े कराने वाला देश का पिता नहीं हो सकता, चादर और फादर से दूर रहें, हर दंपति को चार-पांच संतानें पैदा करने का दिलाया संकल्प
आगरा। शहर के बल्केश्वर चौक पर विश्व शांति हिंदू महासम्मेलन समिति के तत्वावधान में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता एवं पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने हिंदू समाज, संस्कृति, जनसंख्या, शिक्षा और राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों पर तीखे और विवादास्पद बयान दिए। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
हिंदू अपने को भूलते जा रहे हैं
अपने उद्बोधन में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि हम अपने को भूलते जा रहे हैं, इसी कारण आज हिंदू सम्मेलन की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जिसने देश के टुकड़े किए, वह देश का पिता नहीं हो सकता। उनके अनुसार देश की सिर्फ मां होती है। हिंदुओं को आगाह किया कि वे चादर और फादर से दूर रहें।
बेटियों को संस्कार दिए होते तो लव जिहाद का शिकार न बनतीं
उन्होंने कहा कि देश की बेटियां लव जिहाद का शिकार हो रही हैं क्योंकि हमने उन्हें संस्कारों से नहीं पाला। उन्होंने हिंदू समाज से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को बचाना जरूरी है।
जनसंख्या और पीढ़ी पर बयान
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि भारत को निष्ठावान संतान चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक घर में दंपत्ति कम से कम चार से पांच संतानें पैदा करें। उन्होंने उपस्थित लोगों से इसे लेकर संकल्प भी दिलाया।
मैं हिंदुओं को जगाने आई हूं
उन्होंने कहा कि मैं हिंदुओं को जगाने और बताने आई हूं। हिंदू जाग जाएं। भारत सनातनी राष्ट्र बने। उन्होंने यह भी कहा कि जो हिंदुत्व से स्वयं को जगा लेता है, वह अलग नहीं रहता। उन्होंने कहा कि कायर हिंदू विधर्मी बन गए। अपनी आगे आने वाली पीढ़ी को बचा लो। भारत को निष्ठा रखने वाली संतान चाहिए। बच्चो में भेद नहीं करे उन्हें संंबल दीजिए। भारत में पराक्रम और शौर्य कम नहीं। उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी के प्रति सम्मान व्यक्त करने की बात भी कही।
शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र पर आरोप
अपने भाषण में उन्होंने डॉक्टर जिहाद जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर मानवता विहीन कृत्य हो रहे हैं और ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
सनातन ही धर्म है
उन्होंने कहा कि सनातन ही धर्म है, बाकी सब मत हैं। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं से जुड़े रहने की अपील की।
पार्षद मुरारी लाल गोयल एवं पार्षद पूजा बंसल ने बताया कि सम्मेलन में जात-पात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू भाई-भाई का नारा दिया गया। बल्केश्वर मंदिर के महंत कपिल नागर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आशीर्वचन प्रदान किए। कार्यक्रम का संचालन रमन अग्रवाल ने किया।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित लोग
इस अवसर पर सुमन गोयल, गोपाल अग्रवाल, गिर्राज बंसल, ममता शर्मा, आशा अग्रवाल, कुमकुम उपाध्याय, नंदी महाजन, इंदर डाबर, दुर्गेश शर्मा, मयंक खंडेलवाल, विश्वनाथ भारद्वाज, मनीष गुप्ता, रंजना सक्सेना, मीनाक्षी शर्मा, पूजा जैन, मनीषा भरतिया, मंजू भदौरिया, संतोष शर्मा, रवि अग्रवाल, संतोष गुप्ता, महेश फौजदार, श्वेता शर्मा, बॉबी अग्रवाल, ब्रह्मा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।