महिला कांवडियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस: यात्रा में तैनात हुईं 10 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी
लखनऊ। सावन माह में शिवभक्ति की आस्था से भरी कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को नए आयाम दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश पर महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस दिशा में 10 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती कर राज्य में अब तक की सबसे बड़ी महिला सुरक्षा ड्यूटी को अंजाम दिया गया है।
-योगी सरकार की नई पहल, शक्ति हेल्प बूथ, 24x7 हेल्पलाइन और महिला-केंद्रित सुरक्षा मॉडल से सशक्त हुई व्यवस्था
हेल्प डेस्क से लेकर गश्त तक, हर स्तर पर महिला फोर्स की तैनाती
कांवड़ यात्रा मार्ग पर महिला श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सशक्त वातावरण देने के लिए 8,541 महिला मुख्य आरक्षी और 1,486 महिला उपनिरीक्षक को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही 150 से अधिक महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां महिला कांस्टेबल 24x7 मौजूद रहेंगी। ये न केवल सहायता देंगी, बल्कि संवेदनशील मामलों में काउंसलिंग भी करेंगी।
महिला स्वयंसेवी संगठनों की मदद से 'शक्ति हेल्प बूथ'
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए महिला स्वयंसेवी संगठनों की मदद से शक्ति हेल्प बूथ स्थापित किए गए हैं। इन बूथों पर महिला श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सहायता और सुरक्षा मिलेगी। साथ ही, हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मी परामर्श सेवाएं भी देंगी ताकि महिलाओं में आत्मविश्वास बना रहे।
24 घंटे हेल्पलाइन नंबरों पर मौजूद रहेंगी महिला पुलिसकर्मी
योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश भर में कांवड़ यात्रा के लिए बनाए गए 11 विशेष जोनल कंट्रोल रूम और 24x7 हेल्पलाइन नंबरों को भी महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मॉनीटर किया जा रहा है। रात के समय भी क्यूआरटी (क्विक रेस्पॊन्स टीमें) में महिला पुलिसकर्मियों की अनिवार्य मौजूदगी सुनिश्चित की गई है।
मेरठ जोन में सबसे अधिक फोर्स, महिला श्रद्धालुओं के लिए राहत
कांवड़ यात्रा मार्गों में सबसे अधिक व्यवस्था मेरठ जोन में की गई है, जहां 3,200 महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और गाजियाबाद में प्रत्येक पड़ाव पर महिला फोर्स की तैनाती की गई है, जिससे महिला श्रद्धालुओं को कहीं भी असहज महसूस न हो।
डिजिटल तकनीक से जुड़ी निगरानी
महिला सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरा नेटवर्क और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग जैसे डिजिटल टूल्स का भी प्रयोग किया जा रहा है। इस हाईटेक निगरानी से कांवड़ यात्रा मार्ग पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा।