चंदन श्रंगार में विराजे श्रीजगन्नाथ: अक्षय तृतीया से शुरू हुआ 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन महोत्सव
आगरा। बैसाख की तपती धूप में जब जन-जीवन व्याकुल हो उठता है, तब श्रीहरि विष्णु के शीतल चंदन श्रंगार से भक्तों के मन को ठंडक मिलती है। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रीजगन्नाथ भगवान को चंदन के छापे वाली श्वेत पोशाक पहनाई गई। इस ग्रीष्म ऋतु महोत्सव का शुभारंभ कमला नगर स्थित इस्कॉन मंदिर आगरा में हरिनाम संकीर्तन और पुष्प सज्जा के साथ हुआ।
इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ जी, बलराम जी और सुभद्रा जी को चंदन से श्रंगारित कर दर्शन हेतु भक्तों को दर्शन कराये गये। आमतौर पर श्याम वर्ण में दर्शन देने वाले श्रीजगन्नाथ इस विशेष श्रंगार में पीतवर्ण में आलोकिक रूप में सुशोभित हुए।
मंदिर अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि वृषभ संक्रांति (14 मई) से पहले सूर्य की तीव्रता अत्यधिक हो जाती है, इसीलिए 21 दिन तक (21 मई तक) श्रीहरि का श्रंगार चंदन लेप और छापे वाली पोशाक से किया जाएगा। आरती केवल एक बत्ती से होगी, जिससे भगवान को तपन से बचाया जा सके।
पूरे मंदिर परिसर को गुलाब, मोगरा और बेला के पुष्पों से सजाया गया। श्रीराधा-कृष्ण को हरियाली के बीच विशेष सज्जा में विराजमान किया गया, जिनके दर्शन को श्रद्धालु उमड़ पड़े। भगवान को भोग स्वरूप सत्तू, खरबूजा, आम, तरबूज, लीची जैसे शीतल फल अर्पित किए गए।
संध्या आरती के बाद सभी भक्तों ने भगवान का प्रसाद ग्रहण किया और चंदन महोत्सव का दिव्य अनुभव साझा किया। इस अवसर पर राजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश अग्रवाल, अदिति गौरांगी, सेवा माता जी, रंगीली राधा माता जी, शाश्वत नन्दल आदि विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे।