श्रीराम कथा में भक्ति, मर्यादा और संस्कृति का संदेश, स्वामी रामस्वरूपाचार्य ने सुनाई वीर हनुमान की महिमा, कथा का हुआ भावपूर्ण विश्राम
आगरा में आयोजित श्रीराम कथा का समापन भावपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां व्यासपीठ पर विराजमान स्वामी रामस्वरूपाचार्य ने वीर हनुमान की अद्भुत भक्ति और मर्यादा का वर्णन करते हुए समाज को आस्था, संयम और संस्कारों का संदेश दिया।
आगरा। ग्वालियर रोड स्थित पीएस गार्डन में चल रही श्रीराम कथा का विश्राम रविवार को भक्ति और श्रद्धा के माहौल में हुआ। कथा के अंतिम दिन व्यासपीठ पर विराजमान चित्रकूट के कामदगिरि पीठाधीश्वर स्वामी रामस्वरूपाचार्य ने अपने मुखारविंद से वीर हनुमान की भक्ति और मर्यादा का विस्तार से वर्णन किया।
कथा के दौरान उन्होंने लंका की तीन प्रमुख शक्तियों- सती सुलोचना के पतिव्रत धर्म, संत विभीषण के भजन और इंद्रजीत की शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि राक्षसी वातावरण में रहकर भी धर्म और भक्ति का पालन करना सबसे बड़ी साधना है। उन्होंने भारतीय नारी के पतिव्रत धर्म की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी की आस्था और त्याग अतुलनीय है।
स्वामी जी ने कहा कि सिन्दूर और मंगलसूत्र केवल आभूषण नहीं, बल्कि वैवाहिक जीवन की पवित्रता के प्रतीक हैं। उन्होंने पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि भारतीय महिलाओं को अपनी परंपराओं और संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए।
हनुमान जी के लंका दहन प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि माता सीता ने लंका में रहते हुए 14 महीने तक श्रंगार नहीं किया, जो उनके पतिव्रत धर्म की महानता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि श्रंगार का उद्देश्य केवल पति को प्रसन्न करना है, न कि समाज को दिखाना।
उन्होंने जीवन के उतार-चढ़ाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हानि-लाभ, यश-अपयश और जीवन-मरण सब ईश्वर के हाथ में हैं, इसलिए मनुष्य को कभी निराश नहीं होना चाहिए और हमेशा आशावादी रहना चाहिए। उन्होंने तुलसीदास जी के उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे पुरुषों को आदर्श जीवन के लिए मर्यादा का पालन करना चाहिए, वैसे ही महिलाओं को भी संस्कारों का पालन करना आवश्यक है।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष राम सेवक शर्मा (जय भोले), महामंत्री धर्मेंद्र त्यागी, मुख्य यजमान सिलेंद्र विथरिया, हाकिम सिंह त्यागी, रणवीर सोलंकी, पं. किशोर लवानिया, दीनदयाल मित्तल, ऋषि उपाध्याय, डॉ. उदिता त्यागी (गाजियाबाद), श्रीनिवास विथरिया, सुरेश शास्त्री, प्रमोद चाहर, उत्तम काका, ब्लॉक प्रमुख श्रीकांत त्यागी, मोहन लाल, उपेंद्र, आचार्य राहुल, रमाकांत त्यागी, दुर्गेश, रामवीर चाहर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।