सेंट जॊर्जेज स्कूल यूनिट-2 की वैन बच्चों समेत नाले में गिरी, बड़ा हादसा टला
आगरा। शहर के प्रतिष्ठित सेंट जॉर्जेज यूनिट-2 स्कूल के बाहर सोमवार दोपहर उस समय एक हादसा हो गया जब स्कूल वैन बच्चों समेत खुले नाले में जा गिरी। हादसा करीब दोपहर 1:00 से 1:15 बजे के बीच उस समय हुआ जब स्कूल की छुट्टी हुई थी और बच्चे वैन में बैठ चुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वैन अचानक पीछे की ओर चली और लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नाले में जा समाई।
बच्चों को सुरक्षित निकाला गया, ड्राइवर मौके से हुआ गायब
रघुनाथ कॊम्पलेक्स के पास स्थित इस स्कूल वैन के नाले में गिरते ही मौके पर हल्ला मच गया। आसपास के लोग और राहगीर जुटे और नाले में उतरकर बच्चों को वैन से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अभिभावक भी पहुंच गये। वहां मौजूद पापा संस्था के संयोजक दीपक सिंह सरीन ने बताया कि उन्होंने देखा कि ड्राइवर सड़क पर लेटा कराह रहा था और कुछ ही देर में मौके से गायब हो गया। स्कूल प्रबंधन ने सभी बच्चों को तुरंत पास के रघुनाथ मेडिकल कॉम्प्लेक्स के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया।
अभिभावकों को स्कूल की ओर से व्यक्तिगत रूप से फोन करके बुलाया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई, वरना हादसा गंभीर हो सकता था।
स्कूल प्रबंधन को ड्राइवर का नाम तक नहीं मालूम
जब पापा संस्था और अभिभावकों ने वैन चालक के नाम और वाहन रजिस्ट्रेशन की जानकारी मांगी तो स्कूल प्रबंधन ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। दीपक सरीन का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन चालक से जुड़ी जानकारी छुपाने का प्रयास कर रहा था।
स्कूल प्रबंधन की ओर से यह बताया गया कि हादसे के वक्त वैन चालक वैन की छत पर बच्चों के बैग रख रहा था, उसी समय किसी बच्चे ने वैन हैंडब्रेक खोल दिया, जिससे वैन अनियंत्रित होकर पीछे की ओर लुढ़कती हुई नाले में जा गिरी।
पापा संस्था ने उठाए दो बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पापा संस्था ने प्रशासन से दो गंभीर सवाल उठाए हैं। यदि स्कूल के पीछे वर्षों से नाला था तो वहां बाउंड्री वॉल क्यों नहीं थी? इसकी जिम्मेदारी नगर निगम की है या स्कूल प्रबंधन की? स्कूल सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं कर रहा? बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल वैन में सेफ्टी सिस्टम, ड्राइवर की निगरानी और हैंडब्रेक जैसी व्यवस्था की क्या नियमित जांच होती है? संस्था ने जिला प्रशासन से इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और स्कूल प्रबंधन से जवाब-तलब की मांग की है।
अभिभावकों से अपील
पापा संस्था ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को स्कूल भेजने से पहले संस्थान की सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्व-स्तरीय जांच अवश्य करें। एक छोटी सी चूक किसी बड़े खतरे को न्योता दे सकती है।
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