आगरा यूनिवर्सिटी में स्टार्टअप संस्कृति को मिला नया मंच, छात्रों के लिए शुरू हुआ अवेयरनेस प्रोग्राम
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में विवेकानंद इंक्यूबेशन फाउंडेशन द्वारा स्टूडेंट अवेयरनेस प्रोग्राम की श्रृंखला शुरू की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार के लिए प्रेरित करना है। 13 और 14 जनवरी को कंप्यूटर सेंटर और रसायन विभाग में आयोजित सत्रों में छात्रों को सरकारी स्टार्टअप योजनाओं, एलएलपी पंजीकरण और इन्क्यूबेशन सुविधाओं की जानकारी दी गई। कुलपति प्रो. आशु रानी ने इस पहल को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
छात्रों को उद्यमिता, नवाचार और स्वरोज़गार के लिए तैयार करने की दिशा में वीआईएफ की बड़ी पहल
आगरा। आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को स्टार्टअप और उद्यमिता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विवेकानंद इंक्यूबेशन फाउंडेशन (ViF) द्वारा स्टूडेंट अवेयरनेस प्रोग्राम की श्रृंखला का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है, जिसका मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमशील सोच को विकसित करना है।
इस जागरूकता कार्यक्रम की पहली कड़ी विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर स्थित यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर में आयोजित की गई। कार्यक्रम में कंप्यूटर सेंटर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
विवेकानंद इंक्यूबेशन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. एससी उपाध्याय ने बताया कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के सभी विभागों और संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा। इसके बाद इसे विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों तक विस्तारित करने की भी योजना है, जिससे अधिक से अधिक छात्र इस पहल का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इन्क्यूबेशन मैनेजर योगेश तोमर ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप की मूल अवधारणा, उद्यमिता के अवसर, एलएलपी (LLP) पंजीकरण प्रक्रिया, और विवेकानंद इंक्यूबेशन फाउंडेशन की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार आधारित विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदलने के लिए प्रेरित किया और बताया कि कैसे सही मार्गदर्शन और संसाधनों से एक छोटा विचार भी सफल स्टार्टअप बन सकता है। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर के हेड प्रो. अनिल गुप्ता, मीनाक्षी चौधरी, इंजी. सुमित पाठक सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम श्रृंखला के दूसरे दिन इंस्टीट्यूट ऑफ बेसिक साइंसेज, खंदारी परिसर स्थित रसायन विभाग में स्टूडेंट अवेयरनेस सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में रसायन विभाग के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की और कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी तथा प्रेरणादायक बताया।
इस सत्र में योगेश तोमर ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्टार्टअप योजनाओं, फंडिंग अवसरों और सहयोग कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध सरकारी संसाधनों और योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर अपने नवाचार को सफल स्टार्टअप में परिवर्तित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने विवेकानंद इंक्यूबेशन फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम श्रृंखला की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने, स्वरोज़गार अपनाने और अपने व्यावसायिक विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए प्रेरित करते हैं।
विवेकानंद इंक्यूबेशन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. एससी उपाध्याय ने कहा कि इस कार्यक्रम श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्टार्टअप के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करना है, ताकि वे भविष्य में केवल नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें।
कार्यक्रम में रसायन विभाग से प्रो. देवेंद्र शर्मा, डॉ. प्रियंका अग्रवाल, डॉ. अमित अग्रवाल सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कुल मिलाकर यह स्टूडेंट अवेयरनेस प्रोग्राम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।