बॉलीवुड की तरह फिट और सुंदर रहें: पूजा मखीजा ने संतुलित आहार को बताया असली ब्यूटी मंत्र
आगरा। बॉलीवुड सितारों दीपिका पादुकोण और शाहिद कपूर की पर्सनल डाइट कोच रहीं सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने स्पाइसी शुगर संस्था की हेल्दी डाइट कार्यशाला में कहा, आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि सॉफ्टवेयर आधारित स्किल ट्रेनिंग और प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन की तरह, संतुलित आहार और अनुशासन ही शरीर को स्वस्थ और आकर्षक बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
-स्पाइसी शुगर संस्था की कार्यशाला में सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट ने दिए बैलेंस डाइट के टिप्स
पूजा मखीजा गुरुवार को होटल होलीडे इन में स्पाइसी शुगर संस्था द्वारा आयोजित विशेष कार्यशाला में मुख्य वक्ता थीं। उन्होने कहा कि हर इंसान अपने आप में सेलिब्रिटी है। हमारा शरीर स्वयं को ठीक करने और सुंदर बनाने वाली मशीन है। बस हमें सही खानपान और थोड़ा अनुशासन अपनाना होगा।
कार्यशाला की शुरुआत संस्था की संस्थापक अध्यक्ष पूनम सचदेवा ने पूजा मखीजा का परिचय देते हुए की।
कार्यशाला के दौरान पूजा मखीजा ने सवाल जवाब के माध्यम से पूनम सचदेवा के प्रश्नों के उत्तर दिए। जब उनसे पूछा गया कि बॉलीवुड सेलिब्रिटीज की डाइट में ऐसा क्या खास होता है जिससे वे बढ़ती उम्र में भी फिट और आकर्षक दिखते हैं, तो उन्होंने कहा कि सेलिब्रिटीज कोई जादुई डाइट नहीं लेते। वे भी कड़ी मेहनत, धैर्य और अनुशासन से बैलेंस डाइट अपनाते हैं। यदि हम भी वही करें, तो एक स्वस्थ और सुंदर शरीर पाना संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि भोजन को सिर्फ जीभ के स्वाद के लिए न खाएं, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने के उद्देश्य से खाएं। अक्सर किसी स्वादिष्ट भोजन का स्वाद पहले कुछ निवालों में ही मिलता है, बाकी तो हम आदत या मजबूरी में खाते रहते हैं।
कुछ टिप्स जो बदल सकती हैं जीने का तरीका
पूजा मखीजा ने दैनिक खानपान में अपनाने योग्य कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उन्होंने कहा-
-भोजन से पहले प्लेट भरकर सलाद अवश्य लें।
- यदि मैदा या यीस्ट वाली चीजें जैसे ब्रेड, पास्ता, इडली आदि खाने का मन करे तो उन्हें हेल्दी विकल्प में बदलकर खाएं।
- कार्बोहाइड्रेट्स को पहले पकाकर ठंडा करें और बाद में गर्म करके खाएं। इससे मधुमेह रोगियों को भी लाभ मिलता है।
- एक दिन पहले रखा हुआ चावल या रोटी शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
- यह भ्रांति गलत है कि दालें यूरिक एसिड बढ़ाती हैं। वास्तव में 73% भारतीय इसी भ्रांति के कारण पर्याप्त प्रोटीन नहीं लेते। शाकाहारियों को दालों का सेवन अधिक करना चाहिए।
- रात 8 बजे के बाद लिया गया भोजन शरीर में केवल चर्बी बढ़ाता है।
- नाश्ते में आमलेट या चीले जैसे व्यंजनों में खूब सारी सब्जियां मिलाकर खाएं।
- खाली पेट चाय या कॉफी लेने से बचें।
- जैसे हम रोज पहनने के कपड़े सोच-समझकर चुनते हैं, वैसे ही भोजन को भी प्लान करें। 10 दिन का मेन्यू पहले से तैयार रखने पर वैरायटी भी बनी रहती है और डाइट भी हेल्दी रहती है।
- उम्र बढ़ने के साथ डाइट प्लान बदलना आवश्यक है। 35 वर्ष के बाद यदि 25 साल की उम्र वाला भोजन लिया जाए तो शरीर को नुकसान पहुंचाता है।
- प्रोटीन शेक का चलन भले बढ़ा हो, लेकिन बेहतर है कि प्रोटीन सीधे भोजन से लिया जाए।
- उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों को मजबूत रखने के लिए अपने वजन से थोड़ा ज्यादा वेट उठाना चाहिए।
- आजकल सप्लीमेंट्स आवश्यक हो गए हैं। विशेष रूप से विटामिन B12, विटामिन D, ओमेगा-3 और मैग्नीशियम का सेवन शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।
सवाल-जवाब का दौर
कार्यशाला में पूजा लूथरा, माला जसूजा, कोमिला धर समेत कई सदस्यों ने भोजन और डाइट से संबंधित प्रश्न पूछे। इंटरनेट पर चल रहे विभिन्न डाइट प्लान्स के बारे में पूछे गए प्रश्न पर पूजा ने कहा कि सबसे अच्छा डाइट प्लान वही है जो आपके शरीर को नुकसान न दे। बैलेंस डाइट जिसमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में हो, वही आपके लिए उपयुक्त है।
कार्यशाला में इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रंजना बंसल रहीं। चांदनी और पावनी ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में उज्ज्वला चतुर्वेदी, डॉ. भास्कर ज्योति, रूपम, रेनू, गिन्नी, वर्षा, प्रीति, शिखा जैन, सिमरन, रेशमा मगन, अंजलि, शिल्पा, संगीता अग्रवाल, आरती, शशि, निधि, लाल बेला, श्रुति, अंकिता, पल्लवी, प्रीति, माला, कविता, मीनू, स्नेहा, रानी, रीता, मनीषा, रोमा, रिंपी, हरबानी, ज्योति, मंजू आदि उपस्थित रहीं।