आगरा में अवैध शस्त्र लाइसेंस घोटाला में एसटीएफ अब तक खाली हाथ, फाइलें गायब
अवैध शस्त्र लाइसेंस घोटाले में STF अब तक न गिरफ्तारी कर पाई है, न ही ठोस सबूत पेश कर सकी है। केस से जुड़ी अहम फाइलों के गायब होने से साजिश की बू आ रही है। आरोपी ज़ैद और अरशद की जमानत पर अब 2 फरवरी को सुनवाई होगी। STF इस दिन अहम दस्तावेज दाखिल कर सकती है, वहीं कई सफेदपोशों पर कार्रवाई की तैयारी है।
न गिरफ्तारी, न ठोस सबूत, एसटीएफ की जांच पर सवाल, शस्त्र कार्यालय से मांगी गई फाइलें रहस्यमय ढंग से गायब, आरोपी ज़ैद और अरशद की जमानत पर सुनवाई अब 2 फरवरी को
आगरा। अवैध शस्त्र लाइसेंस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। न तो इस हाई-प्रोफाइल मामले में कोई गिरफ्तारी हो पाई है और न ही अब तक कोर्ट में ऐसे अहम दस्तावेज पेश किए जा सके हैं, जो पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर सकें।
इधर एसटीएफ लगातार कलक्ट्रेट स्थित शस्त्र कार्यालय से केस से संबंधित फाइलें मांग रही है। इसके लिए बाकायदा नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि सूत्रों के अनुसार केस से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से गायब करा दी हैं। इससे जांच की दिशा और मंशा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले के आरोपी ज़ैद और अरशद को आज फिर राहत मिल गई। उनकी जमानत याचिका पर आज सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट ने अब अगली तारीख 2 फरवरी तय कर दी है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान मुकदमा वादी इंस्पेक्टर यतीन्द्र और केस के इंवेस्टिगेशन ऑफिसर शैलेन्द्र कोर्ट में मौजूद रहे। हालांकि एसटीएफ की ओर से अभी तक ऐसे पुख्ता दस्तावेज सामने नहीं आ सके, जिससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ सकें।
सूत्रों का दावा है कि दो फरवरी को एसटीएफ कुछ अहम दस्तावेज कोर्ट में दाखिल कर सकती है, जो केस की तस्वीर बदल सकते हैं। इसके साथ ही यह भी संकेत मिले हैं कि एफआईआर में नामजद आरोपियों के अलावा आधा दर्जन के आसपास अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस पूरे खेल में कई रसूखदार सफेदपोश भी एसटीएफ के रडार पर हैं, जिनकी भूमिका सामने आने पर बड़ा खुलासा हो सकता है।