एसएन मेडिकल कॉलेज में 'स्टॉप डायरिया अभियान' शुरू, बच्चों को बचाने के लिए एक माह का जनजागरूकता मिशन
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा सोमवार को स्टॉप डायरिया अभियान 2025 का शुभारंभ हो गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की राष्ट्रीय पहल का हिस्सा है, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने वर्ष 2024 में लॉन्च किया था।
-काउंटर, रैलियां, पोस्टर प्रतियोगिता और स्वास्थ्य शिक्षा के जरिए डायरिया से शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य
इस वर्ष यह अभियान 20 जून से 31 जुलाई 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाना है। इस वर्ष की थीम है- डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान।
मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने अभियान का उद्घाटन किया। उनके साथ उप-प्राचार्य डॉ. तेजपाल सिंह, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार, अधीक्षक डॉ. ब्रजेश शर्मा सहित कॉलेज के कई विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य व रेजिडेंट्स उपस्थित रहे।
अभियान का समन्वयन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गीतू सिंह द्वारा किया गया, जबकि आगामी गतिविधियों की रूपरेखा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हिमालय सिंह ने प्रस्तुत की।
अभियान के अंतर्गत जन-जागरूकता रैलियों, स्कूल एवं समुदाय में स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम, पानीजनित रोगों की रोकथाम पर परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। बाल रोग विभाग और कम्युनिटी मेडिसिन विभाग मिलकर इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में ओआरएस-जिंक कॉर्नर की स्थापना की गई है, जहां मरीजों और परिजनों को डायरिया के लक्षण, रोकथाम और इलाज की जानकारी दी जा रही है। साथ ही निःशुल्क ओआरएस पैकेट और जिंक टैबलेट्स वितरित किए जा रहे हैं। लोगों को ORS घोल बनाने की विधि भी सिखाई जा रही है।
अभियान के तहत स्लोगन लेखन, रील मेकिंग और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विजेताओं को उद्घाटन समारोह में सम्मानित किया गया।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि डायरिया बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण है, जिसे केवल साफ-सफाई, समय पर इलाज और जन-जागरूकता से रोका जा सकता है।
अन्य संकाय सदस्यों ने भी जनस्वास्थ्य में स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।