वेस्ट अफ्रीका में फंसे आगरा के धीरज जैन का पासपोर्ट जब्त, आरोप–प्रत्यारोप के बीच परिवार भूख और अंधेरे में कर रहा संघर्ष
आगरा। वेस्ट अफ्रीका के डुआला (कैमरून) में पिछले कई महीनों से फंसे आगरा निवासी धीरज जैन और उनका परिवार गंभीर संकट से जूझ रहा है। पासपोर्ट और वीजा जब्त होने के कारण न तो वे भारत लौट पा रहे हैं और न ही परिवार की बुनियादी जरूरतें पूरी हो पा रही हैं। धीरज अपनी पत्नी सुप्रिया और डेढ़ वर्षीया बेटी राघवी के साथ वहीं रहने को मजबूर हैं, जहां फॉर्मूला मिल्क, दवाइयों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए भी पैसे नहीं हैं।
आगरा। वेस्ट अफ्रीका के डुआला (कैमरून) में पिछले कई महीनों से फंसे आगरा निवासी धीरज जैन और उनका परिवार गंभीर संकट से जूझ रहा है। पासपोर्ट और वीजा जब्त होने के कारण न तो वे भारत लौट पा रहे हैं और न ही परिवार की बुनियादी जरूरतें पूरी हो पा रही हैं। धीरज अपनी पत्नी सुप्रिया और डेढ़ वर्षीया बेटी राघवी के साथ वहीं रहने को मजबूर हैं, जहां फॉर्मूला मिल्क, दवाइयों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए भी पैसे नहीं हैं।
कंपनी और कर्मचारी के आरोप आमने-सामने
धीरज का आरोप है पासपोर्ट जब्त कर बुलाया गया, अब घर वापसी से रोका जा रहा है। धीरज ने वीडियो जारी कर बताया कि उनकी कंपनी सदगुरु टूर एंड ट्रैवल्स ने उनका पासपोर्ट और वीजा जब्त कर लिया है। उनका कहना है कि कंपनी न केवल उन्हें वापस आने नहीं दे रही, बल्कि परिवार की बिजली–पानी भी बंद कर दिया गया है, जिससे वे अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
कंपनी का पलटवार
कंपनी ने इसका जवाब देते हुए स्वयं वीडियो जारी किया और दावा किया कि धीरज ने 78 हजार अमेरिकी डॉलर की वित्तीय गड़बड़ी की है। कंपनी का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है और वीडियो साझा करना भ्रामक प्रचार है।
बच्ची का दूध खत्म, पैसे नहीं
वीडियो संदेश में धीरज ने बताया कि फॉर्मूला मिल्क खत्म हो चुका है। दवाइयां खरीदने के पैसे नहीं हैं। पत्नी मानसिक तनाव में लगातार रो रही हैं। घर की बिजली–पानी काट देने से परिवार घोर परेशानी में है।
धीरज के पिता का आरोप
धीरज के पिता धनपाल जैन का कहना है कि उनके बेटे ने 12 साल कंपनी में ईमानदारी से काम किया। धीरज को वेस्ट अफ्रीका पोस्टिंग पर कंपनी ने 2023 में भेजा। यदि गड़बड़ी धीरज ने की होती, तो कंपनी एक साल तक उनसे अकाउंट कैसे दिखवाती? कंपनी के आंतरिक विवाद ने उनके बेटे को बलि का बकरा बना दिया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद? धीरज का बड़ा खुलासा
धीरज ने बताया कि 7 सितंबर 2024 को वे कंपनी का 25 लाख रुपये लेकर ऑफिस जा रहे थे। रास्ते में कैश लूट लिया गया। पहले ड्राइवर ने लूट की पुष्टि की, बाद में बयान बदल दिया। उसी घटना को आधार बनाकर कंपनी ने उन्हें आरोपी बना दिया। 2 साल का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बावजूद उन्हें वापस भारत लौटने नहीं दिया गया।
कंपनी के वीडियो में कहा गया है कि धीरज को वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था। भारत के उच्चायुक्त को इसकी सूचना दे दी गई है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए धीरज के वीडियो को भड़काऊ बताया जा रहा है।
परिवार की सरकार से मदद की अपील
धीरज के परिजन भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि धीरज और उनका परिवार किसी भी दिन बड़ी मुश्किल में पड़ सकता है।