सनातन धर्म की मजबूती ही देश की शक्ति: भारत रक्षा मंच अधिवेशन से उठी हिंदू क्रांति की हुंकार
आगरा। गुरु का ताल गुरुद्वारा परिसर में भारत रक्षा मंच के चतुर्थ अखिल भारतीय अधिवेशन के दूसरे दिन देशभर से आए संतों, विचारकों और कार्यकर्ताओं ने भारत और सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प दोहराया। शंकराचार्य अमृतानंद, डॉ. सत्यनारायण जटिया और मंच संस्थापक सूर्यकांत केलकर सहित अनेक वक्ताओं ने अपने ओजस्वी संबोधनों से अधिवेशन को धर्ममय और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
जनसंख्या असंतुलन सबसे बड़ी चुनौती- शंकराचार्य
अधिवेशन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। शारदा पीठ कश्मीर के शंकराचार्य स्वामी अमृतानंद ने कहा कि भारत और सनातन धर्म अलग नहीं हैं। यदि धर्म कमजोर होगा तो भारत भी कमजोर होगा। उन्होंने जनसंख्या असंतुलन को आज की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि भारत तभी अखंड और सशक्त रह सकता है जब सनातन धर्म बलशाली बने।
बांग्लादेशी घुसपैठ गंभीर समस्या- सूर्यकांत केलकर
भारत रक्षा मंच के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक सूर्यकांत केलकर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी और स्वामी विवेकानंद का जीवन राष्ट्र के लिए आदर्श है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी हिंदुत्व का त्याग नहीं किया और राष्ट्र में भगवा ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि 1947 तक तमाम अत्याचारों के बावजूद केवल 22% ही हिंदू धर्मांतरण कर मुस्लिम बने। लेकिन 2011 तक हिंदू जनसंख्या घटकर 79.8% रह गई। यह राष्ट्रीय चेतावनी है।
उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ और जनसंख्या वृद्धि को गंभीर चुनौती बताया।
हिंदू क्रांति समय की पुकार- डॉ. सत्यनारायण जटिया
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण जटिया ने कहा कि समय की पुकार है कि हिंदू क्रांति फिर जागेगी। हमें अपनी भावी पीढ़ी को तैयार करना होगा। उन्होंने सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद के आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही चेतावनी दी कि हर साल लगभग 20,000 मुसलमान पासपोर्ट लेकर भारत आते हैं और वीजा समाप्त होने के बाद भी नहीं लौटते, यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
अधिवेशन स्थल पर चिकित्सा शिविर
अधिवेशन स्थल पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. आर.सी. मिश्रा ने किया। लगभग 300 लोगों ने इसका लाभ लिया और 50 चिकित्सकों की टीम ने पूरे दिन निःशुल्क सेवाएं दीं।
कार्यक्रम संयोजक श्रीनिवास गुप्ता ने बताया कि अधिवेशन के तीसरे दिन भारतीयकरण पर परिचर्चा, प्रस्ताव सत्र और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा होगी।
अधिवेशन का संचालन एडवोकेट रंजीत संगल ने किया। मंच पर संजय गुप्ता, सूर्यकांत केलकर, कमांडर भूषण दीवान, डॉ. अशोक आचार्य, राष्ट्रीय मंत्री शशांक चोपड़ा और श्रीनिवास गुप्ता उपस्थित रहे।
व्यवस्थाओं का संचालन महानगर अध्यक्ष राजीव जयराम, उपाध्यक्ष विकास शर्मा, प्रमोद सिंह राणा, प्रवक्ता आर.बी. शर्मा, कोषाध्यक्ष नीरज अग्रवाल, सलाहकार सुमित राज और मंत्री संजय श्रीवास्तव ने किया।