टीकाकरण में चूक पर सख्ती, आगरा में एएनएम बाहर, आशा रडार पर
अछनेरा के रुनकता कस्बे में खसरे के दो मामले सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही को गंभीर मानते हुए एएनएम यशोदा की सेवा समाप्त कर दी। साथ ही सर्वे व लाइन लिस्टिंग में लापरवाही बरतने पर दो आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने साफ कहा है कि टीकाकरण और संक्रामक रोग नियंत्रण में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।
आगरा। आगरा जिले के अछनेरा क्षेत्र में खसरे (मीजल्स) के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कड़ा कदम उठाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के निर्देश पर संबंधित एएनएम की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है, जबकि दो आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मामला सीएचसी अछनेरा के रुनकता कस्बे, थाना क्षेत्र के पास का है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले ही क्षेत्र में टीकाकरण, विटामिन-ए की खुराक पिलाने, सर्वे और लाइन लिस्टिंग के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे, ताकि खसरे जैसी संक्रामक बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
जानकारी के अनुसार एएनएम यशोदा को क्षेत्र का सर्वे कर टीकाकरण एवं विटामिन-ए वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वहीं आशा उषा और आशा राजकुमारी को घर-घर सर्वे कर लाइन लिस्टिंग करने के निर्देश दिए गए थे।
जांच में सामने आया कि इन निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया गया। समय पर सर्वे और टीकाकरण न होने के कारण क्षेत्र में खसरे के दो मामले सामने आए, जिसे विभागीय लापरवाही माना गया। इस पर सीएमओ ने सख्त रुख अपनाते हुए एएनएम यशोदा की संविदा समाप्त कर दी है और दोनों आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि संक्रामक रोगों की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी यदि इस तरह की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।