आगरा में शिक्षा व्यवस्था की सख्त पड़ताल, बीएसए ने किया औचक निरीक्षण
आगरा में बीएसए जितेन्द्र कुमार गोंड ने बरौली स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहां छात्राओं का शैक्षिक स्तर और मध्यान्ह भोजन संतोषजनक पाया गया। इसके बाद नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला में शिक्षक संकुल बैठक कर शैक्षिक गुणवत्ता, योजनाओं के क्रियान्वयन और पठन-पाठन सुधार पर निर्देश दिए गए। बेसिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए नियमित समीक्षा जारी रखने की बात कही गई।
बरौली के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से लेकर नगर क्षेत्र के शिक्षक संकुल तक शैक्षिक गुणवत्ता और योजनाओं की गहन समीक्षा
आगरा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र कुमार गोंड ने आज विकास खण्ड बरौली में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शासन एवं विभाग द्वारा संचालित समस्त शैक्षिक योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं का शैक्षिक स्तर संतोषजनक पाया गया।
निरीक्षण के दौरान बीएसए ने छात्राओं के साथ मध्यान्ह भोजन भी किया। भोजन निर्धारित मीनू के अनुरूप एवं गुणवत्तापूर्ण पाया गया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, आवासीय सुविधाओं और योजनाओं से मिलने वाले लाभ पर संवाद किया और फीडबैक लिया।
इसके पश्चात बीएसए जितेन्द्र कुमार गोंड ने विकास खण्ड नगर क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला पहुंचकर आयोजित शिक्षक संकुल बैठक में सहभाग किया। बैठक में एजेंडा-वार बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें शिक्षण कार्य की प्रगति, शैक्षिक योजनाओं का क्रियान्वयन तथा विद्यालयों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई। बीएसए ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि शैक्षिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए और सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ प्रत्येक छात्र-छात्रा तक पहुंचे।
बीएसए ने निरीक्षण उपरांत स्पष्ट किया कि बेसिक शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए नियमित निरीक्षण और समीक्षा की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने सभी विद्यालय प्राचार्यों एवं शिक्षकों से छात्राओं की शिक्षा और समग्र विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी बताया कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आयोजित शिक्षक संकुल बैठकों में डायट प्राचार्य, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक/वरिष्ठ प्रवक्ता (डायट), बीईओ, समस्त जिला समन्वयक, डायट मेंटर, एसआरजी एवं एआरपी द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठकों में पठन-पाठन को प्रभावी बनाने, शिक्षण नवाचार और शिक्षा संकुलों के माध्यम से प्रणाली को मजबूत करने पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।