कोर्ट में छात्राओं ने खुद कबूला झूठः डांटने पर फंसाया था सर को, आठ वर्ष बाद मिली कलंक से मुक्ति
बरेली में आठ साल पहले तीन छात्राओं की झूठी शिकायत से जेल पहुंचे शिक्षक विवेक जौहरी को आखिरकार न्याय मिल गया। मोबाइल फोन चलाने पर डांटने की सजा उन्होंने आठ वर्षों तक सामाजिक कलंक के रूप में भुगती। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) देवाशीष पांडे की अदालत ने बुधवार को उन्हें दोषमुक्त कर बरी कर दिया।
-आरके सिंह-
बरेली। मोबाइल फोन चलाने पर डांटने की कीमत एक शिक्षक को आठ साल तक जेल और सामाजिक अपमान के रूप में चुकानी पड़ी। लेकिन अब न्यायालय ने साफ कर दिया है कि गणित के शिक्षक विवेक जौहरी निर्दोष हैं।
प्रकरण वर्ष 2016 का है। थाना बारादरी क्षेत्र स्थित एक इंटर कॉलेज में गणित पढ़ाने वाले विवेक जौहरी ने कक्षा आठ की तीन छात्राओं को मोबाइल चलाने पर फटकार लगाई थी। इससे नाराज छात्राओं ने शिक्षक पर छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करा दी। छात्राओं के अभिभावकों की तहरीर पर 18 अप्रैल 2016 को पुलिस ने विवेक जौहरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस ने विवेक जौहरी के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी, लेकिन जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। विवेक को बाद में जमानत मिल गई, मगर आरोपों का दाग आठ वर्षों तक उनकी छवि पर लगा रहा।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) देवाशीष पांडे की अदालत में चली। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी राजीव तिवारी ने पक्ष रखा, वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता हर्ष अग्रवाल ने पैरवी की। जब तीनों छात्राओं को अदालत में बयान के लिए बुलाया गया, तब सच्चाई सामने आई।
छात्राओं ने जज देवाशीष पांडे के समक्ष स्पष्ट कहा कि शिक्षक ने उनके साथ कोई छेड़छाड़ या अश्लील व्यवहार नहीं किया था। उन्होंने स्वीकार किया कि मोबाइल फोन चलाने से रोकने पर नाराज होकर उन्होंने झूठा आरोप लगाया था और अब उन्हें अपने कृत्य पर पछतावा है। इन बयानों के बाद अदालत ने विवेक जौहरी को निर्दोष मानते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया।
आठ वर्षों तक दोषी की तरह जीवन जीने को विवश रहे विवेक जौहरी को आखिर न्याय मिल गया। उनके अधिवक्ता हर्ष अग्रवाल ने कहा कि यह निर्णय उन सभी शिक्षकों के लिए राहत है जो अनुशासन को लेकर छात्रों को समझाते हैं। इस मामले पर विवेक जौहरी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।