टूंडला की प्रसिद्ध रामलीला पर हाईकोर्ट के स्टे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से जिला प्रशासन पर दबाव बनाने को कहा है कि किसी और वैकल्पिक साइट को चिन्हित करे ताकि भविष्य में रामलीला हो सके और स्कूल के प्लेग्राउंड का उपयोग बच्चों के लिए ह।

Sep 25, 2025 - 12:53
Sep 25, 2025 - 13:13
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टूंडला की प्रसिद्ध रामलीला पर हाईकोर्ट के स्टे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक


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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के टूंडला में एक स्कूल के मैदान में चल रही रामलीला को बंद करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि उस मैदान में रामलीला 100 साल से होती चली आ रही है। हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता तब पहुंची जब इस साल का उत्सव शुरू हो चुका था।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से कहा कि वह सभी पक्षों को सुन कर इस बात पर विचार करे कि क्या स्कूल के मैदान के बदले भविष्य में रामलीला आयोजक को कोई वैकल्पिक जगह दी जा सकती है। रामलीला कमेटी ने कहा था कि हाई कोर्ट ने अचानक एकतरफा रोक लगा दी। कमेटी को पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया। कार्यक्रम शाम में होता है, इसके चलते पढ़ाई को नुकसान पहुंचने की दलील गलत है।

यह मामला फिरोजाबाद में टुंडला के जिला परिषद विद्यालय से जुड़ा है, जिसके प्लेग्राउंड में रामलीला का कार्यक्रम किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से इस मामले का समाधान निकालने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट जिला प्रशासन पर दबाव बनाए कि वह रामलीला के लिए वैकल्पिक स्थल चिह्नित करे ताकि स्कूल के प्लेग्राउंड का उपयोग सिर्फ छात्रों के लिए हो सके। इसके साथ सुप्रीम कोर्ट ने श्री नगर रामलीला महोत्सव की ओर से दाखिल याचिका का निपटारा कर दिया। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुईयां और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही थी।

इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के  आदेश को चुनौती देने वाली रामलीला आयोजन समिति सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। रामलीला आयोजन समिति की ओर से मामला उठाने वाले वकील ने कहा कि हाईकोर्ट ने बिना सुनवाई किए यह एकपक्षीय आदेश दिया।