इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में सुष्मिता सेन, नवजोत सिंह सिद्धू, अभिनेता संजय मिश्रा को डॊक्टरेट की मानद उपाधि

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। इन्वर्टिस विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह शनिवार को भव्य, प्रेरक और उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि सिनेमा जगत की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री, मिस यूनिवर्स रह चुकीं सुष्मिता सेन, क्रिकेटर व वक्ता नवजोत सिंह सिद्धू, बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय मिश्रा समेत चार विशिष्ट हस्तियों को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

Jan 18, 2026 - 12:27
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इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में सुष्मिता सेन, नवजोत सिंह सिद्धू, अभिनेता संजय मिश्रा को डॊक्टरेट की मानद उपाधि
इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में अभिनेत्री सुष्मिता सेन को डॊक्टरेट की उपाधि प्रदान करते विवि के कुलाधिपति उमेश गौतम व अन्य अधिकारी।

डॉक्टरेट की मानद उपाधि ग्रहण करने के बाद छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सुष्मिता सेन ने अत्यंत विनम्रता से कहा कि वह स्वयं केवल 12वीं पास हैं और जीवन में जो कुछ भी सीखा है, वह अनुभवों से सीखा है। उन्होंने युवाओं को यानी निडर होकर जीवन जीने का संदेश दिया। सुष्मिता सेन ने कहा कि विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को फॉर्मूले और ज्ञान दिया है, लेकिन असली दुनिया में उन्हें लागू करना अब उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपनी मौलिक पहचान बनाए रखने और जीवन की हर परीक्षा को ‘ऑनर्स’ के साथ पास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन हमेशा हमारी योजनाओं के अनुसार नहीं चलता, इसलिए उसे लगातार पढ़ते और समझते रहना जरूरी है।

इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा ने अपने सहज और अनोखे अंदाज में छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने जीवन में स्वयं को साबित करने, अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सीखने की ललक को कभी खत्म न होने देने की बात कही। संजय मिश्रा ने हल्के-फुल्के हास्य और शायरी के माध्यम से छात्रों को गहरा संदेश दिया कि विनम्रता के साथ बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सफलता के साथ संतुष्टि बेहद आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को असफलता से न डरने की सलाह दी और कहा कि डर केवल सतर्क रहने के लिए जरूरी है, लेकिन वही डर अगर हावी हो जाए तो सफलता की राह रोक देता है। उन्होंने कहा कि किसी भी फैसले पर पछतावा न करें, क्योंकि पछतावा नकारात्मकता को जन्म देता है। सिद्धू ने आलोचना को सक्रियता की निशानी बताते हुए अपने जीवन से जुड़े कई प्रेरक प्रसंग भी साझा किए।

विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति पार्थ गौतम ने कहा कि माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कारों पर चलने वाले युवा ही भारत को विश्व गुरु बनाने की क्षमता रखते हैं। इस अवसर पर उन्होंने इन्वर्टिस विश्वविद्यालय का एलुमिनाई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि एवं कुलाधिपति प्रो. डॉ. उमेश गौतम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस भी पद पर रहें, उसके साथ न्याय करें। अनुशासन, जोश और जुनून के बिना इतिहास नहीं रचा जा सकता।

समारोह में वर्ष 2024–25 बैच के उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कुल 36 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 35 को सिल्वर मेडल, 19 को ब्रॉन्ज मेडल, जबकि 23 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई। इसके अलावा कुल मिलाकर 600 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की गईं।

दीक्षांत समारोह के समापन के बाद विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम और डीजे पर मेधावी छात्रों ने उत्साह के साथ नृत्य का आनंद लिया, जिससे विद्यार्थियों की खुशी कई गुना बढ़ गई और यह समारोह उनके लिए एक यादगार अनुभव बन गया।

SP_Singh AURGURU Editor