भारतीय कुश्ती महासंघ पर लगा निलंबन हटा, संजय सिंह को कमान
लखनऊ। खेल मंत्रालय ने करीब 26 महीने बाद भारतीय कुश्ती संघ पर लगे निलंबन को हटा दिया है। इस फैसले का संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और मौजूदा अध्यक्ष संजय सिंह ने स्वागत किया है। कुश्ची संघ पर लगा निलंबन हटने के बाद संजय सिंह को डब्ल्यूएफआई का नियंत्रण सौंप दिया गया है।
संघ के अध्यक्ष संजय सिंह बृजभूषण शरण सिंह के करीबी माने जाते हैं। महिला पहलवानों के गंभीर आरोप लगाने के बाद बृजभूषण ने संघ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, संजय सिंह के नए अध्यक्ष नियुक्त होने के 72 घंटे बाद ही खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ पर बैन लगा दिया था। हालांकि, चर्चाओं की मानें तो संघ पर बैन लगने एक वजह बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी मानें जाते हैं।
दरअसल, गोंडा जिले की कैसरगंज सीट से सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह 5 अप्रैल 2012 से 21 दिसंबर 2023 तक भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे हैं। करीब 11 सालों तक कुश्ती संघ से जुड़े रहने वाले बृजभूषण की मुश्किलें साल 2013 के शुरुआती महीने में उस वक्त शुरू हो गई थीं, जब देश की जानी मानी महिला पहलवानों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। महिला पहलवानों ने मौजूदा संघ अध्यक्ष पर आरोप लगाया कि महिला पहलवानों के साथ यौन प्रताड़ना की घटनाएं 2016 से 2019 के बीच रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के दफ़्तर, बृजभूषण शरण सिंह के आवास और विदेश में हुई है। हालांकि, अपने ऊपर लगे आरोपों को बृजभूषण शरण सिंह सिरे से खारिज करते रहे हैं।
भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप पहली बार साल 2023 के जनवरी महीने में लगे थे। महिला पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो गए थे। बृजभूषण के खिलाफ 18 जनवरी 2023 को महिला पहलवानों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया था। इन पहलवानों ने महीने भर से ज्यादा समय तक जंतर-मंतर पर धरना देते हुए बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की थी। इस मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 21 अप्रैल 2023 को एक नाबालिग समेत सात महिला रेसलर ने शिकायत की थी।
25 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने महिला पहलवानों की अपील सुनते हुए इसे गंभीर मामला बताते हुए दिल्ली पुलिस को दो दिन में जवाब देने के लिए निर्देश दिए थे। 28 अप्रैल 2023 को दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी थी। इस मामले में एक पहलवान ने अपनी शिकायत वापस ले ली थी।
अपने खिलाफ आरोप लगने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने डब्ल्यूएफआई प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद संघ के चुनाव हुए थे। 21 दिसंबर 2023 को हुए चुनाव में बृजभूषण शरण सिंह के करीबी मानें जाने वाले संजय सिंह वाले पैनल ने जीत दर्ज की थी। इस जीत पर बृजभूषण ने कहा था कि दबदबा तो है। उनके इस बयान पर राजनीति शुरू हुई। इसके विरोध में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने कुश्ती को अलविदा कह दिया था।
संजय सिंह के अध्यक्ष बनने के 3 दिन बाद ही खेल मंत्रालय ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया को निलंबित कर दिया था। 24 दिसंबर 2023 को खेल मंत्रालय ने संघ पर अंडर 15 और अंडर 20 नेशनल चैंपियनशिप की घोषणा करने में जल्दबाजी दिखाने के लिए बैन लगा दिया था। अक्टूबर 2024 में संघ ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर निलंबन आदेश वापस लेने का अनुरोध किया था। करीब 26 महीने बाद 11 मार्च 2025 को खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ पर लगे बैन को हटा दिया है। साथ ही संघ के अध्यक्ष संजय सिंह को पूरा नियंत्रण दे दिया है।