ताज साहित्य उत्सव का समापन, अंतिम दो सत्र रहे कवियों और साहित्यकारों के नाम  

आगरा। दो दिवसीय ताज साहित्य उत्सव का रविवार को समापन हो गया। साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में यह उत्सव एक परंपरा की शुरुआत रही। शहर के साहित्य, संस्कृति और कला प्रेमियों और कलाकारों व साहित्यसेवियों   को प्रेरणा देने में सफल रहा यह आयोजन। समापन समारोह में लेखक-लेखिकाओं का सम्मान भी किया गया।

Jan 12, 2025 - 20:48
Jan 12, 2025 - 21:28
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ताज साहित्य उत्सव का समापन, अंतिम दो सत्र रहे कवियों और साहित्यकारों के नाम   
  ताज साहित्य उत्सव के समापन समारोह के मौके की कुछ तस्वीरें।

समापन समारोह से पहले हुए पांचवें और छठवें सत्र कवियों और साहित्यकारों को समर्पित थे। सितारे जमीन पर:एक शाम कविता के नाम, नामक पांचवें सत्र ने ताज साहित्य उत्सव की शाम को यादगार बना दिया। कवि और लेखक बीपी सिंह मिलिंद की अध्यक्षता में हुए इस सत्र में कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

कविताओं में देशभक्ति, प्रेम, और सामाजिक मुद्दों पर आधारित रचनाओं ने सभी को भावुक कर दिया। कवियों ने अपनी अनूठी शैली और विचारों से श्रोताओं का मन मोह लिया। इस सत्र में पंकज अभिराज, विपिन माहेश्वरी, डॉ. शुभम त्यागी, प्रीति त्रिपाठी, शेखर त्रिपाठी, प्रशांत देव, रंजीता सिंह  शामिल हुए एवं अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं।

कवियों ने दिल जीत लिया

छठवें सत्र में ताजनगरी के कलाकारों, कवियों एवं लेखकों ने शामिल होकर कलाकारों ने अपनी कला और विचारों से ताज साहित्य उत्सव को विशेष बना दिया। पद्म गौतम, अमीर अहमद, शशांक प्रभाकर, सलीम अहमद इटावी, सलोनी राणा, दीक्षा रीसल गुप्ता, पद्म गौतम जैसे स्थानीय कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।

समापन सत्र में उन लेखकों और लेखिकाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी पुस्तकों के माध्यम से साहित्य के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। इन सम्मानित साहित्यसेवियों में छात्र, युवा पीढ़ी के सदस्य  और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल थे। सभी ने जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल को धन्यवाद दिया, जिनके प्रयासों के कारण उनकी साहित्यिक कृतियों को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ।

दो दिवसीय साहित्य उत्सव के आयोजन में संरक्षक संजय अग्रवाल (वाइस चेयरमैन, जीडी गोयंका स्कूल, आगरा) आयोजन समिति के सदस्यों का समर्पण सराहनीय रहा। इसके संयोजक थे पवन आगरी जबकि समन्वयक की भूमिका पुनीत वशिष्ठ ने निभाई। पंकज शर्मा सलाहकार और गजेंद्र सिंह पीआरओ की भूमिका में थे। मेंटोर्स थे नारायण दास अग्रवाल, सोम ठाकुर और कांता प्रसाद अग्रवाल। संरक्षक थे जितेंद्र चौहान, पूरन डावर, स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह, सुरेश चंद गर्ग, संतोष शर्मा और  कुलदीप ठाकुर।

SP_Singh AURGURU Editor