नेशनल चैंबर के आयकर संवाद में गूंजी करदाताओं की आवाज़: आगरा की वास्तविक चुनौतियों पर खुलकर हुई चर्चा, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करन बोलीं- विजन 2047 में करदाताओं की अहम भूमिका

आगरा में नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स द्वारा आयोजित आयकर संवाद सत्र में करदाताओं की समस्याएं, अपीलों में देरी, रिफंड प्रक्रियाओं की दिक्कतें, ताज संरक्षित क्षेत्र की बाधाएं और कर संग्रह लक्ष्य की जटिलताओं पर खुलकर चर्चा हुई। बैठक में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करन सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने न केवल सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना, बल्कि विजन 2047 के साथ करदाता हितों को सर्वोपरि रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

Dec 12, 2025 - 22:17
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नेशनल चैंबर के आयकर संवाद में गूंजी करदाताओं की आवाज़: आगरा की वास्तविक चुनौतियों पर खुलकर हुई चर्चा, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करन बोलीं- विजन 2047 में करदाताओं की अहम भूमिका
 नेशनल चैंबर द्वारा शुक्रवार को होटल होलीडे इन में आयोजित संवाद सत्र में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करन को स्मृति चिह्न प्रदान करते चैंबर अध्यक्ष संजय गोयल एवं अन्य पदाधिकारी। चित्र में आयकर प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अनिल वर्मा एडवोकेट भी हैं। 

आगरा। नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, यूपी आगरा द्वारा शुक्रवार को होटल होलीडे इन में आयोजित संवादात्मक सत्र में आज करदाता सेवाओं, अनुपालन और आयकर संबंधी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल ने की तथा संचालन पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा के नेतृत्व में हुआ। सत्र में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त कानपुर उ.प्र. (वेस्ट) एवं उत्तराखंड श्रीमती अपर्णा करन, आईआरएस उपस्थित रहीं। उनके साथ प्रधान आयकर आयुक्त कानपुर एसएस भदौरिया, प्रधान आयकर आयुक्त-1 अनुपम कांत गर्ग, प्रधान आयकर आयुक्त (ओएसडी)(डीआर) आईटीएटी सुकेश कुमार जैन भी मौजूद रहे।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करन, चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष द्वय संजय कुमार गोयल व विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, आयकर प्रकोष्ठ चेयरमैन अनिल वर्मा, टैक्सेशन बार एसोसिएशन अध्यक्ष अक्षय कुमार कुलश्रेष्ठ तथा सीए एसोसिएशन चेयरमैन गौरव सिंघल द्वारा किया गया। इस दौरान चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल व आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा एडवोकेट द्वारा 10 सूत्रीय प्रतिवेदन भी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त को सौंपा गया।

चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल ने कहा कि आगरा ताज संरक्षित क्षेत्र है, जहां नए उद्योग लगाने या विस्तार पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसलिए प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य निर्धारित करते समय आगरा की परिस्थितियों को देखते हुए राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपीलों के निपटारे में देरी से करदाताओं पर अनावश्यक दबाव बनता है। कई मामलों में अत्यधिक मूल्यांकन से निराधार मांगें लंबित हैं और अपील सीआईटी(A) के समक्ष वर्षों तक लंबित रहती हैं। ऐसे में 20 प्रतिशत भुगतान कर पाना संभव नहीं होता। आवश्यकता है कि एक स्पष्ट एसओपी जारी हो, जिससे लंबित अपीलों की अवधि में करदाता के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई न हो।

चैंबर के पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ चेयरमैन अनिल वर्मा ने अपील प्रभावी होने के बाद धनवापसी में देरी पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि करदाताओं के पक्ष में फैसला आने पर भी रिफंड समय पर जारी नहीं होता, जिससे नगदी प्रवाह प्रभावित होता है। उन्होंने रिफंड जारी करने के लिए निश्चित समयसीमा तय करने की मांग की।

श्री वर्मा ने कहा कि कई करदाता विवाद से विश्वास योजना-2024 के तहत औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं, फिर भी फॉर्म-4 तथा धनवापसी नहीं मिली है। फेसलेस सिस्टम में 15 दिनों के स्थगन के बावजूद कई मामलों में पूर्व सूचना दिए बिना एकतरफा आदेश पारित कर दिए जाते हैं। हमारा सुझाव है कि एकतरफा आदेश पारित करने से पहले, स्थगन याचिका अस्वीकृत होने की सूचना करदाता को दी जाए और उसे जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर भी दिया जाए।

उन्होंने कहा कि अधिनियम की धारा 154 के तहत गलतियों के सुधार हेतु दायर किए गए आवेदनों का निपटारा अक्सर केंद्रीकृत प्रसंस्करण केंद्र (सीपीसी) द्वारा यांत्रिक तरीके से किया जाता है, जिसमें तथ्यों, कानूनी स्थिति या सहायक दस्तावेजों पर उचित विचार नहीं किया जाता। यह प्रथा प्रावधान के उद्देश्य को कमजोर करती है और करदाताओं की अनावश्यक शिकायतों को जन्म देती है। इसके लिए सुझाव है कि सीपीसी को ऐसे आवेदनों के निपटान में अधिक विवेकपूर्ण और तर्कसंगत दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी जाए। वैकल्पिक रूप से, आवेदनों को संबंधित क्षेत्राधिकार निर्धारण अधिकारी को मैन्युअल निपटान के लिए स्थानांतरित किया जा सकता है।

प्रार्थना जलान ने कहा कि कई ट्रस्ट त्योहारों तथा रिटर्न व टैक्स ऑडिट के कार्यों के चलते 12ए एवं 80जी पंजीकरण का नवीनीकरण 30 सितंबर तक नहीं करा पाए। सीबीडीटी को तिथि बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीआईटी(A)/एनएफएसी में अपीलें वर्षों तक लंबित रहती हैं। अपील के निपटारे के लिए 6–12 माह की स्पष्ट समयसीमा तय होनी चाहिए।

आयकर प्रकोष्ठ की को-चेयरमैन राजकिशोर खंडलेवाल ने कहा कि अपीलीय आदेशों में करदाताओं द्वारा प्रस्तुत दलीलों और साक्ष्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया जाता, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाजी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि धारा 250 के तहत बिना रिकॉर्ड देखे बार-बार नोटिस जारी होना प्रक्रिया में देरी को बढ़ाता है। इस पर रोक लगाने हेतु निर्देश आवश्यक हैं।

चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल व चेयरमैन अनिल वर्मा द्वारा प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करन को प्री-बजट सुझावों का 25 सूत्रीय मेमोरेंडम भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजने हेतु सौंपा गया।

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करन ने कहा कि विभाग करदाताओं की समस्याओं के निस्तारण के प्रति पूर्ण प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक से टैक्स डेटा एक क्लिक में उपलब्ध हो जाता है। उन्होंने कहा कि विजन 2047 में करदाताओं की बड़ी भूमिका है और सभी को कर देकर देशनिर्माण में योगदान करना चाहिए। आयकर विभाग करदाताओं के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखता है क्योंकि किसी भी देश की प्रगति उसके करदाताओं पर निर्भर करती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि चैम्बर द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष संजय कुमार गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष अनिल वर्मा, पूर्व अध्यक्ष केके पालीवाल, राजकुमार अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, प्रदीप वार्ष्णेय, सदस्य सीए दीपेंद्र मोहन, रूपकिशोर अग्रवाल, राकेश चौहान, दीपक महेश्वरी, अनूप गोयल, राजीव गुप्ता, मयंक अग्रवाल, अनूप मित्तल, तरुण कुमार, अशोक गोयल, मनोज अग्रवाल, सुशील गुप्ता, कुलवीर सिंह, राजीव अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, अजय गुप्ता रंगीला, कपिल गर्ग, पंकज गर्ग, अनुराग सिन्हा, उमेश गोयल, अनुज गोयल, राजेंद्र गर्ग, विजय गुप्ता, अतुल गर्ग, श्याम मोहन गुप्ता, किशोर खन्ना, अमित बंसल, अखिलेश दूबे, सतीश अग्रवाल, अमित मित्तल, मोहित अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor