किराएदार महिला से मारपीट कर बेघर किया, महिला आयोग और पुलिस आयुक्त से मांगा न्याय
आगरा। शहर में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित सीमा सिकरवार, जो लगभग 2 साल से किराए के फ्लैट में रह रही थीं, 17 अगस्त की शाम मकान मालिक के परिजनों द्वारा जबरन बाहर निकाल दी गईं। उनके साथ उनके बेटे को भी मारपीट का सामना करना पड़ा। पीड़िता का आरोप है कि उसका घर का सारा सामान, आभूषण और नकदी अपने कब्जे में ले लिया गया है। अब इस महिला ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय और राज्य महिला आयोग तथा आगरा के पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र भेजकर न्याय मांगा है।
सीमा सिकरवार ने बताया कि देवरी रोड पर डिफेंस एस्टेट फेस दो स्थित सिमरन अपार्टमेंट के एक फ्लैट में वह किराये पर रह रही थी। मकान मालिक शिवकांत के समय का किरायानामा उसके पास है। नियमित रूप से किराया, सोसाइटी मेंटिनेंस व बिजली का बिल भुगतान करती आ रही थी। महिला के अनुसार उसके पति को भरोसे में लेकर मकान मालिक ने अपने खाते में तीन से चार लाख रुपए ट्रांसफर कराए। यही नहीं, उसके अलावा उसके रिश्तेदारों के माध्यम से लगभग 20 लाख रुपए का कर्ज भी ले लिया।
महिला का कहना है कि अचानक मकान मालिक की मृत्यु के बाद शिवकांत के परिजनों ने अवैध रूप से फ्लैट पर कब्जा कर, पीड़िता और उसके बेटे को घर से बेघर कर दिया तथा लाखों रुपये, आभूषण, नकदी और निजी दस्तावेज जब्त कर लिए। पीड़िता का कहना है कि यह सब कुछ इसलिए किया गया ताकि उसके द्वारा दिए गये पैसे और कर्ज को वापस न करना पड़े।
सीमा सिकरवार ने पत्रकारों को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि जब उसे बेदखल किया जा रहा था, तब उसने डायल 112 पर कॉल किया। पुलिस आई तो सही, लेकिन पीड़िता की कोई मदद करने के बजाय तमाशबीन बनी रही। सीमा ने पुलिस से अपना मेडिकल कराने की मांग भी की, लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। पीड़िता और उसके बेटे को घर से बेदखल करते समय केवल वही कपड़े पहनने को दिए गए जिनमें वे घर से निकले थे, बिना दुपट्टे और बिना जूतों के। उसकी शिकायत भी दर्ज नहीं की गई।