ड्रोन की दहशत और शरारत की हदः लाल-हरी लाइट बांधकर रात में कबूतर उड़ाते थे सोहेल और शाकिब
बरेली/मुजफ्फरनगर। बरेली जिले से शुरू हुई रात में ड्रोन दिखने की दहशत अब उत्तराखंड की सीमाओं तक फैल चुकी है। लोग रात के समय आसमान में उड़ती लाल और हरी लाइट वाली चीज़ों को ड्रोन समझकर डर और गश्त का माहौल बना बैठे थे। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग निकली।
-बरेली से शुरू हुई ड्रोन की दहशत उत्तराखंड तक जा पहुंची, बरेली के आईजी बोले: लोग डरें नहीं
मुजफ्फरनगर में खुला पर्दाफाश: कबूतर उड़ाकर फैलाते थे डर
मुजफ्फरनगर जिले के बड़ौत क्षेत्र में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। यहां सोहेल और शाकिब नाम के दो युवक कबूतरों को हरे और लाल रंग की एलईडी लाइटें बांधकर रात में उड़ाते थे। इन उड़ते हुए कबूतरों को देखकर लोग उन्हें ड्रोन समझ लेते थे। कई गांवों में लोग बंदूक और डंडे लेकर पहरेदारी करने लगे थे। खतौली पुलिस ने जब कथित ड्रोन का पीछा किया, तो कबूतरों का पता चला। इन कबूतरों के जरिए इस साजिश का खुलासा हो गया। दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके पास से एलईडी लाइटें भी बरामद हुई हैं।
बरेली के आईजी बोले- ड्रोन जैसी कोई पुष्टि नहीं, यह सब अफवाहें
बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (आईजी) अजय कुमार साहनी ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र के किसी भी जनपद में ड्रोन उड़ाए जाने या उसके दिखने का कोई प्रमाण अब तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मौखिक माध्यमों से लगातार भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं, जो जनपद की शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली हो सकती हैं।
जागरूकता अभियान तेज, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
आईजी ने कहा कि जिलेभर में पुलिस पूरी सतर्कता के साथ निगरानी कर रही है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सतत गश्त और जनजागरूकता अभियान चलाएं। ग्राम समितियों और डिजिटल वॉलंटियर्स से अपील की गई है कि वे ड्रोन अफवाहों का खंडन करें और सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर झूठी या भ्रामक जानकारी साझा करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होगी। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत 112 या नजदीकी थाना को दें। कृषि व अध्ययन कार्यों के लिए निर्धारित मानकों पर ड्रोन का प्रयोग संभव है, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं।
सोशल मीडिया सेल और साइबर टीम सक्रिय
जनपद पुलिस की साइबर सेल ड्रोन संबंधी सभी कंटेंट पर कड़ी निगरानी रख रही है। लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया का प्रयोग सकारात्मक सूचना, शिक्षा और भाईचारे के प्रसार के लिए करें, न कि डर फैलाने के लिए।