जिस जुर्म में जेल हो आए, वही फिर से दोहरा दिया, राजा भदावर की दुकान बेच दी किराएदार ने
आगरा। पिनाहट कस्बे में पूर्व मंत्री राजा महेंद्र अरिदमन सिंह (राजा भदावर) की पैतृक संपत्ति को लेकर एक बार फिर जालसाजी का बड़ा मामला सामने आया है। पहले ही फर्जी बैनामा मामले में जेल जा चुके किराएदार दिनेश चंद्र गुप्ता और उसकी पत्नी ज्योति गुप्ता ने, अब फिर से वही संपत्ति (दुकान) दूसरे व्यक्ति के नाम बैनामा कर दी है।
-जमानत पर बाहर आरोपियों ने फिर रचा षड्यंत्र, पहले भी जेल जा चुके किराएदार ने पत्नी के नाम करवाया था फर्जी रजिस्ट्रेशन
एक दुकान का दो बार फर्जी बैनामा
यह दुकान पिनाहट बाजार की संपत्ति संख्या 3655 (खाता संख्या 6, खसरा संख्या 578) है, जो दिनेश गुप्ता के पास किराए पर है। इसके मालिक पूर्व मंत्री राजा महेंद्र अरिदमन सिंह (भदावर) हैं। 31 मार्च 2018 तक दिनेश गुप्ता ने नियमित रूप से किराया दिया। परंतु 11 दिसंबर 2023 को दिनेश गुप्ता ने पत्नी ज्योति गुप्ता के नाम इस दुकान का बैनामा कर दिया। इस फर्जीवाड़े में उमेश मिश्रा और उसका पुत्र राहुल मिश्रा गवाह बने।
पूर्व में इस मामले की शिकायत होने पर तत्कालीन आईपीएस मयंक पाठक की जांच में धारा 420 और 467 में मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी जेल भी गए, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा वही फ्रॉड दोहराया गया।
दूसरे व्यक्ति के नाम फिर कर दिया बैनामा
ताज़ा मामले में ज्योति गुप्ता ने वही दुकान अब हीरा सिंह पुत्र जयवीर सिंह निवासी लडौआपुरा थाना पिनाहट के नाम बैनामा कर दी है। इसमें गवाह के तौर पर फिर से दिनेश गुप्ता और उमेश मिश्रा के नाम दर्ज हैं।
पिनाहट थाने में दर्ज हुआ दूसरी बार मुकदमा
अब इस मामले की शिकायत राजा भदावर की संपत्तियों की देखरेख करने वाले प्रबंधक मनोज सक्सेना ने पुलिस आयुक्त से की। इसके बाद पिनाहट थाने में दिनेश गुप्ता, ज्योति गुप्ता, उमेश मिश्रा और हीरा सिंह के खिलाफ फिर से मुकदमा दर्ज हुआ है। दर्ज रिपोर्ट में बताया गया है कि दुकान के मालिक राजा भदावर हैं और इसका अभिलेख नगर पंचायत पिनाहट में भी दर्ज है। मालिक के रूप में राजा भदावर नियमित रूप से गृहकर भी जमा कराते आ रहे हैं।
चंबल पुल बना भू-माफियाओं का लोभ का केंद्र
पिनाहट और अटेर को जोड़ने वाले चंबल नदी पुल का निर्माण इस इलाके में संपत्ति की कीमतों को कई गुना बढ़ा रहा है। इसी कारण भू-माफिया सक्रिय हो गए हैं और वैध-अवैध हर तरीके से संपत्ति हथियाने की कोशिशें कर रहे हैं।