यूपी महिला आयोग के फैसलों ने देश भर में मचा दी है हलचल

आगरा। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नारे 'बंटेंगे तो कटेंगे' की तरह ही उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान के एक सवाल ने देश भर में बहस छेड़ दी है। बबीता चौहान ने सवाल उठाया है, जब महिलाएं सारी जगहों पर काम कर रही हैं तो महिलाओं वाली जगहों पर महिलाएं क्यों नहीं हैं?

Nov 11, 2024 - 14:28
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यूपी महिला आयोग के फैसलों ने देश भर में मचा दी है हलचल

बबीता चौहान का सवाल- जब महिलाएं सारी जगहों पर काम कर रही हैं तो महिलाओं वाली जगहों पर महिलाएं क्यों नहीं हैं?

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान इन दोनों बहुत चर्चाओं में हैं। न केवल उत्तर भारत के राज्य अपितु महाराष्ट्र और उड़ीसा में भी राज्य महिला आयोग के ताजा फैसले चर्चा का विषय बने हुए हैं। बड़े-बड़े न्यूज़ चैनल बबीता चौहान का इंटरव्यू कर रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया और बीबीसी की ओर से भी बबीता चौहान से समय मांगा गया है। महाराष्ट्र के बड़े अखबार लोकमत ने भी महिला आयोग के फैसलों पर एक बड़ी रिपोर्ट प्रकाशित की है।

बबीता चौहान ने न्यूज चैनल इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में यह सवाल तब उठाया जब उनसे राज्य महिला आयोग के हाल ही के उन फैसलों के बारे में पूछा गया, जिसमें आयोग ने जिम, बुटीक में ट्रेनिंग और कपड़ों की नाप के लिए महिला कर्मचारी रखने का आदेश दिया था।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने दो सप्ताह पहले ही एक प्रस्ताव तैयार कर राज्य के मुख्य सचिव के पास इस आशय से भेजा है कि वह इसका जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से क्रियान्वयन कराएं।

महिला आयोग के प्रस्ताव के अनुसार यूपी में महिलाओं के कपड़ों के माप अब पुरुष दर्जी नहीं ले सकेंगे। बुटीक सेंटर्स पर महिलाओं के कपड़ों का माप पुरुषों की बजाय महिलाओं द्वारा ही लिया जाएगा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान कहती हैं,  महिलाएं जब बुटीक पर जाती हैं और पुरुष दरजी उनकी नाप लेता है तो महिलाएं असहज महसूस करती हैं। ऐसे बहुत सारे मामले सामने आ चुके हैं कि नाप लेते समय महिलाओं को बेड टच किया गया। बुटीक में सीसीटीवी भी लगवाने होंगे।

 इसके साथ ही जिम को लेकर भी ऐसे ही नियम आयोग की ओर से तय किए गए हैं। महिलाओं के लिए जिम संचालकों को महिला ट्रेनर भी रखनी होंगी। यही नहीं जिम में महिलाओं के लिए पार्टीशन भी करना पड़ेगा ताकि जिम आने वाली महिलाएं ताकझांक का शिकार न हो सकें। आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान का कहना है कि महिलाएं कुछ समय कितनी असहज होती होंगी जब  जिम के अंदर पुरुष ट्रेनर उन्हें ट्रेनिंग दे। ऐसे एक दो नहीं तमाम मामले सामने आ चुके हैं जहां जिम के अंदर ट्रेनर्स द्वारा महिलाओं से छेड़छाड़ की गई। यहां तक कि उन्हें जाल में फंसा कर उनकी हत्या तक की जा चुकी है। 

महिलाओं के लिए विशेष कपड़े बेचने वाले स्टोर्स में भी अब महिला ग्राहकों की सहायता के लिए महिला कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी। कोचिंग सेंटर में भी सीसीटीवी और महिलाओं के लिए शौचालय होना जरूरी किया गया है। 

बता दें कि विगत 28 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की बैठक हुई थी, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के संरक्षण को देखते हुए ये अहम फैसले लिए गए थे। आयोग ने यह भी तय किया है कि अब ब्यूटी पार्लर पर ब्राइडल मेकअप लड़कियां ही किया करें क्योंकि ब्यूटी पार्लर में भी यह काम लड़कों ने अपने हाथ में ले लिया है, जिससे मेकअप कराने आने वाली महिलाएं असहज फील करती हैं।

इसके साथ ही आयोग ने कोचिंग सेंटर में सीसीटीवी लगने, योग सेंटर, डांस क्लासेस में महिला ट्रेनर, स्कूल बसों में लड़कियों के आते जाते समय महिला टीचर की मौजूदगी के भी आदेश दिए हैं। आयोग ने यह भी निर्देशित किया है कि जिम, बुटीक, योग, डांस सेंटर्स पर जो भी पुरुष कर्मचारी कार्यरत हैं, उनका पुलिस से वेरिफिकेशन भी कराया जाए। 

'हमने यह सारे फैसले महिलाओं से फीडबैक मिलने के बाद लिए हैं। महिलाओं ने हमें बताया कि वह जिम और बुटीक में पुरुषों की मौजूदगी से असहज महसूस करती हैं। स्थिति यह है कि अधिकांश बुटीक पर महिलाओं की नाप पुरुष दरजी लेते हैं। हमने सारे फैसले महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किए हैं।'

ब्राइडल मेकअप में दुल्हनों की साड़ी तक बांध रहे लड़के

'पिछले कुछ समय से यह देखने में आ रहा है कि ब्राइडल मेकअप करने वाले ब्यूटी पार्लर में भी लड़के ही दुल्हनों का मेकअप कर रहे हैं। और तो और, दुल्हनों को साड़ी पहनाने का काम भी लड़के करते हैं। ये लड़के इस दौरान के वीडियो बना लेते हैं और बाद में ब्लैकमेल कर लड़कियों की शादीशुदा जिंदगी में जहर घोल देते हैं। महिला आयोग अब ये सब कुछ नहीं होने देगा।'

-बबीता चौहान 
अध्यक्ष, 
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग।

SP_Singh AURGURU Editor