आतंकियों को अकल्पनीय सजा की दिशा में सीसीएस की बैठक से शुरू हुआ निर्णायक दिन
नई दिल्ली। पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत सरकार अब सिर्फ निंदा नहीं, निर्णायक कार्रवाई की मुद्रा में आ चुकी है। आज सुबह सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की हाईलेवल बैठक हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मौजूद रहे। बैठक में जवाबी रणनीति को लेकर गहन चर्चा की गई।
-अबकी बार आर-पार की तैयारी: पहलगाम के आतंकवादी हमले के बाद भारत कड़ा सबक सिखाने की तैयारी में है
-सीसीएस के बाद सीसीपीए की बैठक जारी, आर्थिक मामलों की समिति की बैठक होगी, अंत में केंद्रीय कैबिनेट बैठेगी
सीसीएस बैठक के तुरंत बाद कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स (सीसीपीए) की बैठक बुलाई गई, जिसमें रक्षा और गृह मंत्री के साथ-साथ नितिन गडकरी, जीतन राम माझी और नायडू जैसे वरिष्ठ मंत्री शामिल रहे। माना जा रहा है कि बैठक में सरकार की रणनीति, विपक्ष के तीखे सवालों से निपटने की तैयारी और पाकिस्तान को कूटनीतिक मोर्चे पर घेरने की योजनाओं पर चर्चा हुई। सीसीपीए के बाद कैबिनेट कमेटी ऑन इकनॉमिक अफेयर्स की बैठक प्रस्तावित है।
कैबिनेट की बैठक से तय होंगे अंतिम फैसले
आज दिन के अंत में होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की पूर्ण बैठक को सबसे निर्णायक माना जा रहा है। यहां पाकिस्तान को जवाब देने की रणनीति को अंतिम स्वरूप दिए जाने की संभावना है। सैन्य कार्रवाई, कूटनीतिक घेराबंदी और आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ करने जैसे मुद्दों पर फैसले लिए जा सकते हैं। बैठक में सेना को पहले ही खुली छूट दी जा चुकी है, अब उसका औपचारिक रूप से अनुमोदन किया जा सकता है।
सेना को खुली छूट: निर्णायक क्षण की आहट
पीएम मोदी ने कल ही रक्षा मंत्री, थल, जल और वायु सेना प्रमुखों, सीडीएस और एनएसए के साथ बैठक कर यह स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान को जवाब अब उसी की भाषा में दिया जाएगा। सेना को फुल फ्री हैंड मिल चुका है। यह साफ है कि भारत अब कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर आर-पार की तैयारी कर चुका है।