श्रद्धा और उल्लास के बीच खुले बाबा केदारनाथ के कपाट, मुख्यमंत्री धामी भी रहे मौजूद
रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। बाबा केदार के जयकारों से केदारपुरी गूंज उठी। कपाट खुलने के पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी भी विशेष पूजा में सम्मिलित हुए।
मुख्य पुजारियों व रावल के नेतृत्व में विशेष पूजा
कपाट खोलने से पहले मंदिर के मुख्य पुजारी और रावल द्वारा ब्रह्ममुहूर्त में विशेष पूजा-अर्चना की गई। वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह डोली को ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से केदारनाथ धाम लाया गया था। डोली यात्रा का विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। फूलों से सजी डोली यात्रा के साथ भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
मंदिर में प्रवेश और भोग
कपाट खुलने से पहले समूचे मंदिर को फूलों से विशेष तौर पर सजाया गया था। मंदिर के गर्भगृह में बाबा केदारनाथ का शीतकालीन श्रंगार हटाकर विशेष श्रृंगार किया गया। पुजारियों ने विधिवत अभिषेक कर बाबा केदारनाथ की पहली पूजा की। सुबह लगभग 7 बजे मंत्रोच्चार के बीच कपाट खोले गए। इसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस शुभ घड़ी के साक्षी बने।
श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
कपाट खुलने के अवसर पर देशभर से हजारों श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे। ये श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के लिए बीती रात दस बजे के बाद ही लाइन में लग गये थे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। मंदिर को 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया था।
अब छह माह तक चलेंगे दर्शन
केदारनाथ धाम के कपाट अब छह माह तक खुले रहेंगे। शीतकाल में मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं और भगवान की पूजा उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में होती है।
बता दें कि अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट पहले ही खुल चुके हैं। आज केदारनाथ के कपाट खुल गये। बद्रीनाथ के कपाट आगामी 4 मई को खुलने के साथ ही चार धाम की पूर्ण यात्रा शुरू हो जाएगी।