कलयुग का अंतिम समय चल रहा है, कर्म के अनुसार विचार बदलें: बीके शिवानी
आगरा। लोगो को कितना भी समझा लो पर लोग वही करेंगे जो उनके संस्कार है। हमें अपने कर्म के अनुसार अपने विचार को बदलना है। कलयुग अंतिम समय में चल रहा है। अगर आपको पता चले कि आपका शरीर अगले तीन घंटे में मृत होने वाला है तो फिर अभी से लोगों से क्षमा मांग कर नयी शुरुआत करें।
भाग्य की कलम आपके हाथ में है विषय पर बीके शिवानी ने दिया आध्यात्मिक व्याख्यान
रोटरी क्लब आगरा ग्रेस और ब्रह्मा कुमारी ने आयोजित किया व्याख्यान
आज से हमें जो दूसरों को पूर्व कर्म से जो दर्द देकर आये हैं, उसके लिए क्षमा मांगनी है। अगर अब भी ये नहीं किया तो फिर से ये गांठ सामने आ जाएगी।
ये कहना था रोटरी क्लब आगरा ग्रेस और ब्रह्मा कुमारी की ओर से सूरसदन में आयोजित 'भाग्य की कलम आपके हाथ में है' विषय पर आध्यात्मिक व्याख्यान में विश्व की सर्वाधिक लोकप्रिय आध्यात्मिक वक्ता सिस्टर बीके शिवानी का। शुरुआत बीके शिवानी के साथ महापौर हेमलता दिवाकर, डॉ बबिता सिंह, डॉ. रंजना बंसल, डॉ नरेंद्र मल्होत्रा, पूरन डाबर, जितेंद्र चौहान, संस्थापक अध्यक्ष डॉ. जयदीप मल्होत्रा और सचिव आशु मित्तल ने दीप प्रवज्जलित कर किया। स्वागत नृत्य कालंदी इंस्टीटूट के बच्चों ने प्रस्तुत किया।
बीके शिवानी ने कहा कि मन में संकल्प लें कि मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूँ। हर परिस्थिति में मैं सबके साथ हूँ। मैं सबको देने वाली आत्मा हूँ, मुझे किसी से कुछ नहीं चाहिए मैं सबको देने वाली आत्मा हूँ | मेरा भाग्य मेरे कर्म पर निर्भर है। मुश्किल वाला जीवन हम जी चुके हैं। हमें सबके लिए अच्छा सोचना है। दूसरे का व्यवहार उसका संस्कार है। अगर उसका कड़वाहट का संस्कार है तो हम अपने को ना बदलें । हम कड़वाहट बोलते है तो हमारे पास कड़वाहट वाली ऊर्जा वापस आती है। किसी किसी के संस्कार कमजोर वाले होते हैं और हमारे संस्कार किसी को गिराने वाले नहीं बल्कि सहारा देने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि कमजोर आत्मा के लिए तीन ऑप्शन हैं, पहला वो कन्जयूम करे, दूसरा वो हम पर चीखे तो हम चुप रहे और तीसरा जब वो आपसे गलत व्यवहार करे तो परमात्मा का स्मरण कर उसके लिए प्रार्थना करें। 31 मार्च तक जितने भी ट्राजेक्शन कि क्लोजिंग होगी, उसके बाद नई ओपनिंग शीट बनेगी। मेरा अंतिम क्षण 31 मार्च है और मेरा जन्म मेरा ओपनिंग बैलेंस है। बच्चे की जन्मपत्री पिछले जन्म की आत्मा की जन्मपत्री होती है। अब से 31 मार्च से पहले अपनी ओपनिंग बैलेंसशीट में बदलाव करें।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर अध्यक्ष रूचि अग्रवाल, सचिव डॉ. नीतू चौधरी, कोषाध्यक्ष गरिमा मंगल, डॉ. नीलम मेहरोत्रा, साधना भार्गव, सुनीता सिंह नौहवार, शीनू कोहली, शिल्पा अग्रवाल, आशु जैन, मनीष राय, मनीष अग्रवाल रावी, ब्रह्मा कुमारी से रमा, मधु, दर्शना, ममता, संगीता, वंदना, योगेश आदि मौजूद रही।
सही के साथ खड़े होकर बने उसकी ताकत
कलयुग में आप सही भी खड़े होंगे तब भी लोग आपको गलत कहेंगे। सबको पता है क्या सही है और क्या गलत, पर जो लोग सही के साथ खड़े होकर उसकी ताकत नहीं बनते है। जो सबसे पहले सही के साथ खड़ा होता है पुण्य उसको ही प्राप्त होता है।
कर्म का पुण्य हमेशा आपको मिलेगा
जीवन कि मर्यादा है चलना शुरू करना। आपका कर्म आपका है। आपके कर्म का पुण्य आपको ही मिलेगा। आप लोगों की नक़ल करना बंद करें। मेरी सोच, बोल और व्यवहार कर्म है। जो बात बोलने लायक नहीं उसे सोचना भी नहीं चाहिए। छोटी छोटी बातों में अगर शक्तियां गवाएंगे तो इतनी शक्तियां कहां से लाएंगे। आप तो ये सोचिये कि ख़ुशी तो स्थायी कैसे रख सकते हैं। हम एक दूसरे को खुश रखने के लिए झूठ बोलते रहते हैं।
ईश्वर किसी का गलत भाग्य नहीं लिखता
भगवान की मर्जी से किसी का भाग्य नहीं लिखा गया। किसी का गलत भाग्य ईश्वर नहीं लिखता है। हर चीज ईश्वर पर ये कह कर मत छोड़ो की ये ईश्वर ने हमारे भाग्य में लिखा है। आप जो दान करते हैं, उसके पीछे की भावना महत्पूर्ण है। दान करने के बाद सोशल मीडिया पर दिखावा करना अपने पुण्य को वही की वही बराबर करना है।
मेडिटेशन से करे दिन की शुरुआत
हमें प्रतिदिन रात में सोने से पहले 15 मिनट वो करे जिससे हमारी आत्मा की शक्ति बढ़े, जैसे संगीत सुनना या पुस्तक पढ़ना। मोबाइल ना चलाएं। अपने दिन की शुरुआत सुबह मेडिटेशन के साथ करें।