यमुना नदी पर प्रस्तावित बैराज अब मात्र एक कदम दूर, क्रूज चलाने का रास्ता साफ़
आगरा। आगरा में यमुना पर प्रस्तावित रबर डैम के बनने का रास्ता साफ होने में अब केवल एक कदम ही बाकी रह गया है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए आगरा के सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल लगातार प्रयासरत हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल के प्रयासों से अंतिम एनओसी भी जारी होने की प्रक्रिया हुई तेज
प्रो. बघेल के नेतृत्व में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मिला नेशनल चैम्बर का प्रतिनिधिमंडल
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल के नेतृत्व में आगरा का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से उनके दिल्ली स्थित कार्यालय में मिला। उन्होंने बैराज से संबंधित समस्याओं के बारे में पाटिल से विस्तृत चर्चा की।
विदित हो कि रु. 317 करोड़ की लागत से बनने वाले यमुना बैराज की स्वीकृति पहले ही हो चुकी है, परंतु विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र आने बाकी थे। प्रो. एसपी सिंह बघेल के सतत् प्रयासों से भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग भारत सरकार, केंद्रीय जल आयोग भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भारत सरकार, पर्यावरण प्रभाव निर्धारण प्राधिकरण, ताज ट्रेपेजियम जोन प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल चुके हैं। कई महीनों से नमामि गंगे प्राधिकरण (राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन भारत सरकार नई दिल्ली) से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना बाकी था, जो आज जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने शीघ्रातिशीघ्र जारी करने का आश्वासन दिया है।
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने कहा है कि रबर डैम के निर्माण से पूर्व सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग तथा नगर निगम यमुना नदी में गिरने वाले घरेलू सीवेज और औद्योगिक सीवेज को शत प्रतिशत शोधित करने हेतु आवश्यक एवं प्रभावी उपाय किए जाएं। ठोस कचरा प्रबंधन के कार्य को भी आगरा में प्राथमिकता के आधार पर शत प्रतिशत पूर्ण किया जाए, जिससे कि जल की गुणवत्ता मानक के अनुसार हो सके अन्यथा यह प्रभावी रुप से अपने उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर पाएगा।
उत्तर प्रदेश जल निगम, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी शीघ्र ही इन पैरामीटर्स पर काम करना होगा।
दोनों मंत्रीगणों ने निदेशक राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भी बुलाकर इस कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये।
प्रो. बघेल ने कहा कि यमुना पर रबर डैम बनने से आगरा के भू-गर्भ जल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी तथा प्रदूषण भी दूर होगा। ताजमहल की संरचना इस तरह की है कि इसकी नींव में हमेशा पानी रहने की आवश्यकता होती है। डैम बनने से इसकी नींव पर मंडराते हुए खतरे भी दूर होंगे। ताजमहल के पार्श्व में जब यमुना लबालब भरी होगी तो इसके सौंदर्य में भी चार चाँद लग जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में यमुना का जल स्तर बहुत कम होने की वजह से ताजमहल के पीछे का दृश्य मनोहारी नहीं हो पाता। यमुना के दोनों किनारों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किये जाने का प्रयास किया जाएगा तथा प्रदेश सरकार से भी इस संबंध में वह आगरा के अपने अन्य जनप्रतिनिधि साथियों को साथ लेकर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ से भेंट करेंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आगरा आने वाला हर पर्यटक आगरा में कम-से-कम दो से तीन दिन रुके। जिससे आगरा के हर तबके की आमदनी बढ़ सके। रिक्शा, रेहड़ी वालों से लेकर टूर ऑपरेटर्स, लोकल दुकानदार, खान-पान विक्रेता, एम्पोरियम तथा छोटे होटलों से लेकर फाइव स्टार होटलों तक इसका फायदा मिलेगा।
प्रो. बघेल ने कहा कि नदी में जब जल होगा, तो वाटर स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा मिलेगा तथा विभिन्न प्रकार के सामुदायिक एवं मनोरंजक गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकेगा। आगरा के निवासी भी इन सब चीजों का आनंद ले पाएंगे।
गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व प्रो. बघेल आगरा के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पत्तन, पोत, परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल से यमुना में क्रूज चलाने के विषय में मिले थे। संबंधित मंत्रालय ने अपना सर्वेक्षण पूर्ण कर मंत्रालय को सकारात्मक रिपोर्ट प्रेषित कर दी है, जिससे यमुना में क्रूज चलने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रतिनिधिमंडल में रोटरी क्लब से दिगम्बर सिंह धाकरे, नेशनल चैम्बर से संजय गोयल, अतुल गुप्ता, संजय अग्रवाल तथा समाजसेवी महेश सिंघल शामिल रहे।