भारत के हक का पानी देश में ही बहेगा- पीएम मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि देश हित हमेशा सर्वोपरि है। पिछली सरकारों में स्वार्थ की वजह से फैसले टाले जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब फैसले तुरंत लिए जाते हैं। अब हालात पूरी तरह से बदल गए हैं।
उन्होंने एक टीवी चानल के एक कार्यक्रम में कहा कि आजकल मीडिया में पानी को लेकर काफी चर्चा चल रही है। प्रधानमंत्री के इतना कहते ही कार्यक्रम में जोर-जोर से नारे लगने शुरू हो गए। कुछ सेकेंड रुकने के बाद पीएम मोदी ने फिर बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि पहले भारत के हक का पानी भी बाहर जा रहा था। लेकिन अब भारत का पानी भारत के हक में बहेगा। भारत के हक में रुकेगा और भारत के ही काम आएगा। हालांकि, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि आप लोग बहुत जल्दी समझ गए।
हमारी सरकार पर लोगों का भरोसा- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 2014 में हमारी सरकार ऐसी परिस्थिति में बनी थी, जब सरकारों पर देशवासियों का विश्वास लगभग टूट चुका था। कुछ लोग तो ये सवाल उठाने लगे थे कि क्या हमारे देश में लोकतंत्र और विकास साथ साथ चल सकते हैं? आज, जब कोई भारत को देखता है, तो गर्व से कह सकता है - डैमोक्रेसी केन डिलिवर।
पीएम मोदी ने मिशन मैन्यूफैक्चरिंग का किया ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमने इस साल के बजट में मिशन मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान किया है। यह भारत के लिए लोगों की पहचान केरूप में दुनिया में उसकी पसंद बढ़ा रही है। यह दशक आने वाली सदियों के लिए भारत की दिशा तय करने वाला है। यह देश का भाग्य लिखने का कालखंड है।
डिजिटल इंडिया की वजह से बढ़ी कमाई - पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, डिजिटल इंडिया से कैसे इज ऑफ लिविंग बढ़ी है, यह हम सब देख रहे हैं, लेकिन इससे कॉन्टेंट क्रिएक्शन का भी काम बढ़ा है। आज गांव में अच्छा खाना बनाने वाली महिला बिलियन सब्सक्राइबर के साथ जुड़ गई है। यूट्यूब ने भारत के कॉन्टेंट क्रिएटर्स को 21 हजार करोड़ रुपए का पेमेंट किया है।
पीएम मोदी ने कहा, आज कल आप हर फॉर्म ऑनलाइन भरते हैं. एक समय था जब अपने ही डॉक्यूमेंट के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े थे. अब आप खुद अटेस्ट करके कर सकते हैं.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आप याद कीजिए 10 साल पहले जब मैं डिजिटल इंडिया की बात करता था, तब कई लोग बहुत सारी आशंकाए जताते थे, लेकिन आज डिजिटल इंडिया हमारे जीवन का एक सहज हिस्सा बन गया है। सस्ते डेटा और सस्ते मेड इन इंडिया स्मार्टफोन ने नई क्रांति को जन्म दिया है। इससे इज ऑफ लिविंग बढ़ी है। इसने कंटेंट का एक नया संसार बना दिया है। आज गांव में एक अच्छा खाना बनाने वाली महिला मिलियन सब्सक्राइबर्स क्लब में शामिल है।
बैंकिंग सेक्टर होता है इकॉनमी की रीढ़
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हमारे बैंकिग सेक्टर, जो इकॉनमी की रीढ़ होता है। पहले ऐसी कोई समिट नहीं होती थी, जो बैंकों के घाटे पर बात किए बिना पूरी हो जाए। बैंक पहले पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गए थे। आज भारत का बैंकिंग सेक्टर दुनिया के सबसे मजबूत सिस्टम में से एक है। हमारे बैंक प्रॉफिट में हैं।
एक रुपया निकले तो पूरा गरीब के पास पहुंचे
उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश के पूर्व पीएम ने माना था कि अगर सरकार 1 रुपये किसी गरीब को भेजती है तो 85 पैसे लुट जाते हैं। सरकारें बदलती रहीं, लेकिन गरीब को पूरा पैसा मिले, इस दिशा में कोई काम ही नहीं हुआ। अगर दिल्ली से 1 रुपया निकले तो पूरा का पूरा गरीब के खाते में पहुंचना चाहिए। इसके लिए हमने बैंकिंग सिस्टम को मजबूत किया।