आगरा में सिविल एन्क्लेव के आसपास अवस्थापनाओं की सामयिक जरूरत: जैन
आगरा। आगरा में सिविल एन्क्लेव और वायुसेना परिसर के आसपास की अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर बनाना समय की अहम मांग है। राज्यसभा सांसद एवं रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य नवीन जैन ने यह बात शास्त्रीपुरम स्थित अपने कैंप कार्यालय में सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान कही।
श्री जैन ने कहा कि वायुसेना परिसरों के आसपास का क्षेत्र भले ही नागरिक क्षेत्र हो, लेकिन सैन्य दृष्टि से वह एक सेंसेटिव ज़ोन होता है। इसलिए वहां पर्यावरण अनुकूल, स्वच्छ और सुरक्षित स्थितियों का होना नितांत आवश्यक है। उन्होंने आगरा के सिविल एन्क्लेव और उसके आसपास बन रही अवस्थापना परियोजनाओं के अंतर्गत बल्हेरा, अभयपुरा और धनौली की अवस्थापना सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। सफाई, जल निकासी, नाले निर्माण जैसी मूलभूत सुविधाएं न केवल सैन्य प्रतिष्ठानों के लिए बल्कि वहां के ग्रामवासियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आवश्यक कार्यवाही की मांग करेंगे। साथ ही नगर निगम महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष को भी पत्र लिखकर अपने-अपने दायित्व निभाने का आग्रह करेंगे।
स्वशासित निकाय की मांग
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधियों ने श्री जैन से अनुरोध किया कि बल्हेरा, धनौली और अभयपुरा को नगर निगम में शामिल करने के बजाय एक स्वतंत्र शहरी निकाय घोषित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि निगम क्षेत्र बनने पर वहां के निवासियों को गृहकर, जलकर, सीवर कर आदि करों का भार उठाना पड़ेगा, जिससे वे कई सरकारी लाभकारी योजनाओं जैसे मनरेगा, किसान सम्मान निधि आदि से वंचित हो सकते हैं।
प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि भले ही किसानों को भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिल चुका है, लेकिन हस्तकला पर आधारित काम करने वाले कृषि श्रमिक और छोटे कारोबारी आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं।
इस अवसर पर डा. शिरोमणी सिंह (पूर्व पार्षद), अनिल शर्मा (सचिव), राजीव सक्सेना और असलम सलीमी सहित आदि उपस्थित थे।