'बॉस हो तो ऐसा!', सरकारी कर्मचारियों की ही लॉटरी नहीं निकली, प्राइवेट कंपनियों में काम करने वालों की भी बल्ले—बल्ले
आगरा। साल भर हम छंटनी और कॉस्ट कटिंग जैसे शब्द सुनते रहते हैं मगर बोनस की सुगबुगाहट साल में एक बार ही सुनाई देती है। कंपनी और कर्मचारी एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं। अगर इनमें से एक भी सही से न चले तो कारोबार की यात्रा और सफलता बेहद मुश्किल हो जाती है। यही वजह है कि जैसे उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार अपने कर्मचारियों को वेतन, बोनस और महंगाई भत्ता दिवाली से पहले देकर उनकी बल्ले—बल्ले कर दी है उसी तरह प्राइवेट कंपनियां भी अपने एंपलाइज को खुश करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों को दीपावली से पहले महंगाई भत्ते (डीए) में तीन प्रतिशत वृद्धि के रूप में इस माह तीसरा उपहार दिया है। इससे पहले एक तोहफा दिवाली से पहले सैलेरी और दूसरा बोनस के रूप में दिया जा चुका है। इन हालातों में हमने प्राइवेट कंपनियों में काम करने वालों का हाल जानने की भी कोशिश की।
रूपकिशोर बदला हुआ नाम एक बुक कंपनी में काम करते हैं। उनका कहना है कि उनकी सैलेरी इस बार 23 अक्टूबर को ही आ गई थी। सैलेरी का 75 प्रतिशत बोनस भी मिला है।
वहीं एक अस्पताल में काम करने वाले योगेश कहते हैं कि उनका महीना 31 को होता है। सैलेरी सात तारीख तक आती है। लेकिन इस बार कंपनी ने 26 अक्टूबर को सैलेरी एकाउंट में भेज दी है। साथ में बोनस की बढ़ी हुई राशि में आई है।
सिकंदरा स्थित एक अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कंपनी भी इस बार सैलेरी दिवाली से पहले ही दे रही है। साथ में बोनस भी मिलेगा। इससे वे अपने परिवार के साथ शॉपिंग कर सकते हैं और बच्चों की छोटी छोटी मांगें भी पूरी करेंगे।
हालांकि जैसा कि हम सभी जानते हैं कि एक दूसरा पहलू भी है। कई जगह कर्मचारी अपनी कंपनी की ओर आस लगाए बैठे हैं। यहां मामला अभी अधर में ही लटका है। कर्मचारियों को लग रहा है कि उन्हें मिठाई के डिब्बे, गिफ्ट कार्ड या गैजेट देकर टरका दिया जाएगा।
कई जगह कॉरपोरेट एम्प्लॉईज अभी भी आस लगाए बैठे हैं कि कंपनी नगद बोनस का एलान कर उन्हें हर्षोल्लास से त्योहार मनाने का मौका देगी। दीवाली के मौके पर कंपनियां अपने कर्मचारियों को बोनस और उपहार देती रही हैं। लेकिन कई कंपनियां चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे में कर्मचारियों के हाथ भी खाली हैं और वे बड़ी उम्मीद से कंपनी की ओर देख रहे हैं।