यह देश रघुवर का है, घुसपैठियों की धर्मशाला नहीं-बागेश्वर धाम महाराज की मथुरा में गूंजी चेतावनी

मथुरा। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ते हुए नौवें दिन ब्रजभूमि मथुरा में पहुंची। हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं और संत–महापुरुषों की उपस्थिति में जैत गांव के राधा गोविंद मंदिर और भाटिया जी के विशाल मैदान में भक्ति, विचार और राष्ट्र चेतना से भरा माहौल देखने को मिला।

Nov 15, 2025 - 22:45
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यह देश रघुवर का है, घुसपैठियों की धर्मशाला नहीं-बागेश्वर धाम महाराज की मथुरा में गूंजी  चेतावनी
सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के दृश्य।

सनातन हिंदू एकता पदयात्रा नौवें दिन ब्रजभूमि में प्रविष्ट; लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संत–महापुरुषों के संदेशों से गुंजायमान हुआ जैत गांव

मथुरा। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ते हुए नौवें दिन ब्रजभूमि मथुरा में पहुंची। हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं और संत–महापुरुषों की उपस्थिति में जैत गांव के राधा गोविंद मंदिर और भाटिया जी के विशाल मैदान में भक्ति, विचार और राष्ट्र चेतना से भरा माहौल देखने को मिला।

“देश रघुवर का है, बाबर का नहीं” — बागेश्वर महाराज

अपने आशीर्वचन में बागेश्वर महाराज ने कठोर स्वर में कहा कि यह देश बाबर का नहीं, रघुवर का है। इसे घुसपैठियों की धर्मशाला मत बनने दो। जो लोग घुसपैठियों को शरण देते हैं, वे भी कान खोलकर सुन लें, देश से गद्दारी मत करो। उन्होंने कहा कि बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ, मगर जिन्होंने पाकिस्तान की मांग की थी, उनमें से आधे लोग यहीं रह गए। देश में रहने वाले हर व्यक्ति को “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” कहना ही पड़ेगा।

बागेश्वर महाराज ने मुस्लिम समाज से कहा कि अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा दें ताकि वे अब्दुल कलाम जैसे वैज्ञानिक बनें, न कि मजहबी तालीम पाकर जिहादी। इस दौरान पूरा मैदान “जय श्री राम” और “भारत माता की जय” के नारों से गुंजायमान रहा।


यह यात्रा सबके भीतर सनातन जगा रही— गीता मनीषी महाराज

वृंदावन के प्रसिद्ध संत गीता मनीषी महाराज ने कहा कि यह यात्रा ब्रज की धरती पर एक नई चेतना जगाने आई है।
बांके बिहारी सरकार और बागेश्वर सरकार के मिलन का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से जुड़ने वाले सभी लोगों के भीतर छिपा सनातन जाग उठा है।

अब धक्का देने का नहीं, हाथ पकड़ने का समय— चिदानंद मुनि महाराज

परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश से आए स्वामी चिदानंद मुनि ने समाज में एकता का संदेश देते हुए कहा कि  बहुत हो चुका। अब एक-दूसरे को धक्का देने का समय नहीं, बल्कि हाथ पकड़कर आगे बढ़ने का समय है। सनातन सभी का है, सभी समाजों का। उन्होंने कहा कि युवा संत अब एक दिशा में आ रहे हैं, जो भारत के भविष्य के लिए शुभ संकेत है।

आज सनातन की शक्ति देखी है— पुंडरीक महाराज

कथावाचक पुंडरीक महाराज ने कहा कि आज तक सनातन की भक्ति देखी थी, मगर आज इसकी शक्ति देखी है। पहले सनातन उंगलियों में था, आज मुट्ठी में नजर आया। उन्होंने इस विशाल जनसमूह को धर्म के प्रति उठे ज्वार का प्रतीक बताया।

धर्म विरोधियों के खिलाफ खड़ा होने का समय — जया किशोरी

प्रसिद्ध कथा वाचिका जया किशोरी ने अपने संबोधन में कहा कि जैसे भगवान कृष्ण ने अर्जुन को 18 अध्यायों में मार्गदर्शन दिया, वैसे ही आज बागेश्वर महाराज लोगों को धर्मविरोधियों के विरुद्ध एकजुट होने का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से लौटने के बाद हर व्यक्ति अपने अंदर बदलाव लाए। यदि कोई पूछे तो गर्व से कहे मैं सनातनी हूँ। उन्होंने एक मधुर भक्ति गीत गाकर पूरे वातावरण को भावविभोर कर दिया।

संत जीवन की असली अदाकारी सिखाते हैं — अभिनेता राजपाल यादव

फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने पदयात्रा में शामिल होकर कहा कि हम कलाकार हैं, लेकिन संत ही जीवन की असली अदाकारी सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन विचारधारा सभी जीवों को समान मानने का संदेश देती है और यही भारत की आत्मा है।

इस विराट पदयात्रा में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति और संत-महापुरुषों के संदेशों ने मथुरा की धरती को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। संगठन, एकता, धर्म और राष्ट्रभक्ति का यह संगम ब्रजवासियों के हृदय में लंबे समय तक छाप छोड़ेगा। कल मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव यात्रा में शामिल होंगे।