गणतंत्र दिवस परेड में इस बार आसमान में दिखेगा 'सिंदूर फॉर्मेशन', भैरव बटालियन भी होगी हिस्सा

गणतंत्र दिवस परेड में इस बार ऑपरेशन सिंदूर की झलक के साथ ही भैरव बटालियन भी शामिल होगा। कर्त्तव्य पथ पर इस बार एयरफोर्स के विमान अलग अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इस बार एक खास रूप से सिंदूर फॉर्मेशन बनाया जाएगा।  

Jan 9, 2026 - 20:57
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गणतंत्र दिवस परेड में इस बार आसमान में दिखेगा 'सिंदूर फॉर्मेशन', भैरव बटालियन भी होगी हिस्सा

नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस पर इस बार जब इंडियन एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट कर्तव्य पथ के ऊपर फ्लाईपास्ट करेंगे तो उसमें ऑपरेशन सिंदूर की झलक भी होगी। एयरफोर्स के अलग अलग एयरक्राफ्ट और फाइटर जेट अलग अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। लेकिन इस बार एक खास फॉर्मेशन भी होगी, जो है सिंदूर फॉर्मेशन। सिंदूर फॉर्मेशन में कम से कम 7 एयरक्राफ्ट होंगे। इसमें वे फाइटर जेट भी शामिल होंगे जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने में भूमिका निभाई थी।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देने और पाकिस्तान के अंदर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए इंडियन आर्म्ड फोर्सेस ने पिछले साल 6 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था और आतंक के 9 ठिकानों पर स्ट्राइक की थी। गणतंत्र दिवस परेड में इस बार ऑपरेशन सिंदूर की पूरी झलक दिखाई देगी।

सेना की भैरव बटालियन होगी हिस्सा

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना में भैरव बटालियन बनाई गई हैं। भैरव बटालियन भी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगी। ये लाइट कमांडो बटालियन हैं। भैरव बटालियन खास हैं और इन्हें पारंपरिक इंफ्रेंट्री (पैदल सेना) और स्पेशल फोर्सेस के बीच के कैपेबिलिटी गैप को भरने के लिए बनाया गया है। भैरव बटालियन को तेज़ और घातक कार्रवाई के लिए तैयार किया गया है ताकि चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर त्वरित ऑपरेशन करने के लिए ये बटालियन हमेशा तैयार रहें।  
 
क्यों खास है भैरव बटालियन?

भैरव बटालियन सामान्य पैदल सेना जैसी नहीं हैं बल्कि इनमें एयर डिफेंस, तोपखाना और सिग्नल जैसी आर्म्स के सैनिक भी शामिल हैं। भैरव बटालियन का काम क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशंस, दुश्मन की जानकारी जुटाना और उसकी गतिविधियों में बाधा डालना होगा। इससे पैरास्पेशल फोर्सेज को दुश्मन के इलाके के अंदर रणनीतिक मिशन पर फोकस करने में मदद मिलेगी।