इस बार 21 नवंबर से 11 जुलाई तक विवाह के 92 शुभ मूहूर्त, नवम्बर-दिसम्बर में केवल 11 तिथियां

आगरा। देवउठनी एकादशी के साथ ही जहां श्रीहरि विष्णु की योगनिद्रा समाप्त हुई, वहीं मांगलिक कार्यों के शुभ आरंभ का समय भी लौट आया है। अगले आठ महीनों तक विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञोपवीत और अन्य शुभ संस्कारों की गूंज देशभर में सुनाई देगी। वर्ष 2025 और 2026 में कुल 92 विवाह मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, जिनकी शुरुआत 21 नवंबर 2025 से होकर 11 जुलाई 2026 तक चलेगी।

Nov 1, 2025 - 13:51
 0
इस बार 21 नवंबर से 11 जुलाई तक विवाह के 92 शुभ मूहूर्त, नवम्बर-दिसम्बर में केवल 11 तिथियां

वर्ष 2025 में रहेंगे सिर्फ 11 मुहूर्त

दैवज्ञ पं. बृज मोहन दीक्षित ने बताया कि वर्ष 2025 के अंत में केवल 11 विवाह योग्य तिथियां हैं। ये मुहूर्त 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक रहेंगे। इसके बाद शुक्र तारा अस्त हो जाएगा, जिससे मांगलिक कार्यों पर अस्थायी विराम लग जाएगा। शुक्र ग्रह के अस्त रहने की अवधि 9 दिसंबर 2025 से 2 फरवरी 2026 तक रहेगी। इस अवधि में विवाह, सगाई, गृहप्रवेश जैसे कार्य शुभ नहीं माने जाते।

शुक्र और बृहस्पति के उदय से शुभ द्वार खुलते हैं। देवगुरु बृहस्पति और शुक्र विवाह के प्रमुख कारक ग्रह हैं। इनके अस्त होने से शुभ कार्य रुक जाते हैं, जबकि उदय होने पर मांगलिक कार्यों की पुनः शुरुआत होती है।

ये हैं नवंबर–दिसंबर की मांगलिक तिथियां

दैवज्ञ श्री दीक्षित के अनुसार नवंबर माह में 22, 23, 25 और 30 नवंबर को विवाह के लिए पूर्णतया शुभ तिथियां हैं। वहीं दिसंबर में 4, 11 और 12 दिसंबर को शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे।

इसके अतिरिक्त कुछ तिथियाँ ऐसी हैं जिनमें थोड़ा दोष है, लेकिन विशेष पूजन-विधान के बाद विवाह किया जा सकता है। नवंबर में 21, 24, 26, 27, 29, 30 तथा दिसंबर में 5, 6, 9, 10 दिसंबर की तिथियां इस श्रेणी में आती हैं।

खरमास में रहेगा शादियों पर विराम

खगोल गणना के अनुसार 15 दिसंबर को दोपहर 2:51 बजे शुक्र तारा अस्त हो जाएगा और 2 फरवरी प्रातः 6:10 बजे उदय होगा। इसी दिन सूर्य भी रात्रि 4:27 बजे धनु राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के धनु राशि में प्रवेश से लेकर 14 जनवरी तक का समय खरमास कहलाता है। इस दौरान सभी प्रकार के मांगलिक कार्य, विशेषकर विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञोपवीत आदि वर्जित रहते हैं।

2026 में शुभ मुहूर्तों की बहार

शुक्र के उदय और खरमास समाप्त होते ही फरवरी से मांगलिक कार्यों का दौर फिर शुरू होगा, जो 11 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस अवधि में 81 शुभ विवाह मुहूर्त मिलेंगे, जिससे अगला वर्ष भारतीय परंपरा के सबसे मांगलिक वर्षों में गिना जाएगा।

SP_Singh AURGURU Editor