न्याय के इंतजार में हजारों वादी, आगरा में स्थायी राजस्व परिषद खंडपीठ की मांग ने पकड़ा जोर
आगरा । आगरा में राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश की स्थायी खंडपीठ स्थापित किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश खंडपीठ संघर्ष समिति ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए आगरा में शीघ्र स्थायी खंडपीठ स्थापित करने की मांग की।
सर्किट कोर्ट सप्ताह में एक दिन होने से वादकारियों को परेशानी, वर्षों से लंबित हैं राजस्व मामले
आगरा । आगरा में राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश की स्थायी खंडपीठ स्थापित किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश खंडपीठ संघर्ष समिति ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए आगरा में शीघ्र स्थायी खंडपीठ स्थापित करने की मांग की।
संघर्ष समिति के संयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं और प्रतिनिधियों ने यह मांग उठाई। वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 1985 में आगरा में राजस्व परिषद की सर्किट कोर्ट की स्थापना की गई थी, जिसके माध्यम से आगरा, कानपुर और बरेली मंडलों के राजस्व मामलों का निस्तारण किया जाता रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कार्यकाल में शासनादेश जारी कर आगरा में राजस्व परिषद की खंडपीठ स्थापित करने का निर्णय लिया गया था, जिसमें कई मंडलों को शामिल किया गया था। हालांकि, लखनऊ बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं द्वारा इस आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी, जो बाद में ढीली पैरवी के चलते खारिज हो गई।
2023 में समाप्त हो चुकी हैं सभी न्यायिक बाधाएं
संघर्ष समिति के अनुसार वर्ष 2023 में इस मामले से जुड़ी सभी न्यायिक बाधाएं समाप्त हो चुकी हैं, इसके बावजूद अब तक आगरा में स्थायी खंडपीठ की स्थापना नहीं की गई है। वर्तमान स्थिति यह है कि आगरा में सर्किट कोर्ट केवल सप्ताह में एक दिन संचालित होती है, जो क्षेत्रीय जनता की जरूरतों के अनुरूप बिल्कुल अपर्याप्त है।
वादकारियों को झेलनी पड़ रही भारी कठिनाइयां
स्थायी खंडपीठ के अभाव में झांसी, कानपुर, अलीगढ़, बरेली सहित अन्य मंडलों के विभिन्न जनपदों से आने वाले वादकारियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे न केवल समय और धन की बर्बादी होती है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी अनावश्यक रूप से लंबी हो जाती है। भूमि से जुड़े अनेक राजस्व प्रकरण वर्षों से लंबित हैं, जिससे आम जनता को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है।
स्थायी खंडपीठ से मिलेगा त्वरित न्याय
वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यदि आगरा में स्थायी राजस्व परिषद खंडपीठ की स्थापना की जाती है तो झांसी, कानपुर, अलीगढ़, बरेली सहित कई मंडलों के मामलों का त्वरित, पारदर्शी और सुचारु निस्तारण संभव हो सकेगा। इससे न्यायिक व्यवस्था पर दबाव कम होगा और क्षेत्रीय जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
संघर्ष समिति ने शासन से मांग की है कि जनहित और न्यायहित को ध्यान में रखते हुए आगरा में राजस्व परिषद की स्थायी खंडपीठ की स्थापना शीघ्र की जाए, ताकि वर्षों से लंबित राजस्व वादों का समयबद्ध समाधान हो सके।