वैज्ञानिक से 1.29 करोड़ की साइबर ठगी में रियल एस्टेट कंपनी के डायरेक्टर समेत तीन और गिरफ्तार
-आरके सिंह- बरेली। आईवीआरआई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक शुकदेव नंदी से साइबर ठगों द्वारा 'डिजिटल अरेस्ट' का झांसा देकर की गई 1.29 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में लगातार गिरफ्तारियां हो रही हं। बरेली साइबर थाना पुलिस व लखनऊ एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में रविवार को इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक आरोपी रियल एस्टेट कंपनी का निदेशक और पूर्व सैन्यकर्मी है। ठगी की रकम रियल एस्टेट कंपनी के खाते में ही ट्रांसफर की गई थी।
वैज्ञानिक के खाते से सीधे कंपनी अकाउंट में भेजे गए 1.10 करोड़ रुपये
जांच में सामने आया कि वैज्ञानिक से ठगी गई राशि में से 1.10 करोड़ रुपये लखनऊ की "श्री नरायनी इन्फ्रा डेवलपर्स प्रा. लि." के खाते में ट्रांसफर किए गए। इसी खाते से रकम महफूज और अमान नाम के आरोपियों के खातों में ट्रांसफर की गई। पुलिस ने ठगी के इन पैसों का कुछ हिस्सा फ्रीज करा लिया है।
क्रिप्टो वॉलेट के जरिए विदेशों तक भेजी गई रकम
ठगी गई रकम को आरोपी प्रदीप कुमार सिंह की कंपनी के खाते से क्रिप्टो करेंसी में बदलकर बाइनेंस एक्सचेंज के माध्यम से देश-विदेश के क्रिप्टो वॉलेट्स में भेजा गया। इस पूरे लेन-देन में तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने रकम को ट्रेस से बचाने की कोशिश की।
फर्जी कंपनी के सहारे साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क
जांच में यह बात सामने आई कि प्रदीप ने यह कंपनी केवल लेन-देन के लिए बनाई या वास्तव में इसका कोई व्यवसायिक अस्तित्व है, इस पर जांच जारी है। फर्म से जुड़ी एक महिला समेत अन्य लोगों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पुलिस इन सभी को जांच के दायरे में ले चुकी है।
वैज्ञानिक का डाटा लीक कैसे हुआ, बड़ा सवाल
शुकदेव नंदी को सेवानिवृत्त होने के बाद मिली बड़ी धनराशि और बरेली से स्थानांतरित होने की योजना की जानकारी साइबर ठगों तक कैसे पहुंची? यह बड़ा सवाल अब पुलिस के सामने है। डाटा लीक करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
ये हैं तीन गिरफ्तार आरोपी
इस मामले में छह आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब जो तीन और आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, उनमें प्रदीप कुमार सिंह – निदेशक, श्री नरायनी इन्फ्रा डेवलपर्स प्रा. लि., लखनऊ (पूर्व सैन्यकर्मी), महफूज – निवासी, थाना वजीरगंज, लखनऊ, अमान खान – निवासी, थाना बारादरी, बरेली शामिल हैं।
साइबर पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में 9 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने तीन मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड और क्रिप्टो वॉलेट बरामद किए। आठ लाख रुपये की राशि को फ्रीज करा लिया गया है।