दतिया में टिकट बवाल ने लिया हिंसक रूप: नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने 11 घंटे तक किया हाईवे जाम, पथराव में एसपी-एएसपी समेत 8 पुलिसकर्मी घायल, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, तमाम भाजपाइयों ने पदों से दिया इस्तीफा, भाजपा में ऐसी बगावत नहीं देखी

दतिया (मध्य प्रदेश)। दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शुरू हुआ विरोध शनिवार तड़के हिंसक टकराव में बदल गया। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर करीब 11 घंटे तक चक्का जाम रखा। देर रात पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ने पर पथराव भी हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक (एसपी), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी), एसडीओपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान हाईवे पर 20 से 25 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे दतिया के साथ झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।

Jul 11, 2026 - 12:41
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दतिया में टिकट बवाल ने लिया हिंसक रूप: नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने 11 घंटे तक किया हाईवे जाम, पथराव में एसपी-एएसपी समेत 8 पुलिसकर्मी घायल, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, तमाम भाजपाइयों ने पदों से दिया इस्तीफा, भाजपा में ऐसी बगावत नहीं देखी
दतिया में हाईवे 44 पर नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों द्वारा लगाए गये जाम के दौरान मौजूद पुलिस फोर्स।

टिकट घोषणा के बाद भड़का विरोध

इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। बीजेपी ने दतिया विधानसभा सीट उपचुनाव के लिए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है। टिकट की घोषणा के बाद मिश्रा समर्थकों में भारी नाराजगी फैल गई थी। आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा होते ही कल ही विरोध शुरू हो गया था। इसी क्रम में बीते कल बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने अपने पदों से इस्तीफे दे दिए थे। बड़ी संख्या में समर्थक शुक्रवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर पहुंच गए और चक्का जाम शुरू कर दिया। दतिया में भाजपा की जैसी बगावत सामने आई है, वैसी पहले कभी नहीं देखी गई।

प्रदर्शन के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन के अनुसार जाम करीब 11 घंटे तक जारी रहा और शनिवार सुबह लगभग पांच बजे स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।

20 से 25 किलोमीटर लंबा जाम, एंबुलेंस भी फंसी

प्रदर्शन का असर केवल दतिया तक सीमित नहीं रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लगे जाम ने झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर तक यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया। प्रशासन के मुताबिक करीब 20 से 25 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। कई बसें, ट्रक और एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

समझाने के बावजूद नहीं माने प्रदर्शनकारी

दतिया प्रशासन पूरी रात प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांतिपूर्वक सड़क खाली करने के लिए मनाने का प्रयास करता रहा, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। तड़के करीब चार बजे प्रशासन ने एक बार फिर प्रदर्शनकारियों से हाईवे खाली करने की अपील की। इसी दौरान माहौल अचानक बिगड़ गया और प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया गया।

पथराव में एसपी, एएसपी और एसडीओपी समेत आठ जवान घायल

प्रशासन के अनुसार पथराव के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी एक कार्यालय भवन के भीतर चले गए और वहीं से पुलिस पर लगातार पत्थर फेंकते रहे।

इस हिंसा में पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी सहित कुल आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के सिर पर भी पत्थर लगा, लेकिन हेलमेट पहने होने के कारण उन्हें गंभीर चोट नहीं आई।

कई वाहन क्षतिग्रस्त, पुलिस गाड़ियों में तोड़फोड़

हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को निशाना बनाया। प्रशासन के मुताबिक तीन से चार पुलिस वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए। कई ट्रकों को नुकसान पहुंचाया गया और कुछ वाहनों को पलट भी दिया गया। हाईवे पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।

'न लाठीचार्ज किया, न जवाबी पथराव'

पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संयम बरता। प्रशासन का कहना है कि उनकी ओर से न तो लाठीचार्ज किया गया और न ही पुलिस की ओर से जवाबी पथराव किया गया। जब हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होने लगे और कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा, तभी भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रशासन अब भी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। यदि लोग शांतिपूर्वक बाहर निकलकर अपने घर लौटते हैं तो प्रशासन किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करना चाहता। हालांकि दोबारा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या समूह बनाकर उपद्रव करने की कोशिश होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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SP_Singh AURGURU Editor